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UPPSC : दस साल में सिर्फ यह बता सका आयोग, किस फॉन्ट में होगी परीक्षा

Mon, 12 Jun 2023 05:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 12 Jun 2023 05:20 PM IST
सार

यूपीपीएससी के पास वर्ष 2017-18 से एपीएस के रिक्त पदों का अधियाचन पड़ा है। रिक्त पदों की संख्या भी बढ़कर तीन सौ के पार हो गई है, लेकिन इन पदाें पर भर्ती का कोई अतापता नहीं। आयोग ने पिछले दिनों एक विज्ञप्ति जारी की।

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विस्तार

सचिवालय और अन्य विभागों में अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती के लिए दस वर्षों से कोई विज्ञापन नहीं आया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से भी दस वर्षों में सिर्फ यह जानकारी दी जा सकी है कि आगामी भर्ती परीक्षा किस फॉन्ट में होगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि परीक्षा कब होगी।

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यूपीपीएससी के पास वर्ष 2017-18 से एपीएस के रिक्त पदों का अधियाचन पड़ा है। रिक्त पदों की संख्या भी बढ़कर तीन सौ के पार हो गई है, लेकिन इन पदाें पर भर्ती का कोई अतापता नहीं। आयोग ने पिछले दिनों एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें सिर्फ यह बताया कि आगामी भर्ती में आशुलिपि कौशल एवं टंकण परीक्षा में कृतिदेव के साथ मंगल फॉन्ट का विकल्प भी दिया जाएगा, लेकिन आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अगली भर्ती कब शुरू होगी।

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इससे पूर्व आयोग ने वर्ष 2013 में एपीएस के 176 पदाें पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसकी लिखित परीक्षा और टाइप एवं शॉर्टहैंड परीक्षा का परिणाम भी आ चुका था, लेकिन आयोग ने ही बाद में विज्ञापन को सेवा नियमावली के विपरीत मानते हुए परीक्षा निरस्त कर दी थी और पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। मामला अब कोर्ट में है और पुनर्परीक्षा अभी नहीं कराई जा सकी है।

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एपीएस-2013 में शामिल हुए ज्यादातर अभ्यर्थी दस वर्षों तक नई भर्ती के इंतजार में ओवरएज हो चुके हैं। इन अभ्यर्थियों की ओर से आयोग में कई बार ज्ञापन देकर मांग की जा चुकी है कि एपीएस की नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए और इसमें ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का मौका दिया जाए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि ज्यादातर भर्तियों में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन हो जाता है, लेकिन एपीएस की भर्ती में टाइप और शॉर्टहैंड की अलग से तैयारी करनी होती है। अभ्यर्थी इसी परीक्षा के लिए अलग से तैयारी करते हैं। ऐसे में दस वर्षों तक नई भर्ती न होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं या होने वाले हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में जितनी देर होगी, समय के साथ ओवरएज होने वाले अभ्यर्थियों के लिए भविष्य के रास्ते भी बंद होते जाएंगे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने आयोग के अध्यक्ष से मांग की है कि एपीएस की नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए और ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को अगली भर्ती में मौका दिया जाए।

विवाद और एपीएस भर्ती के बीच रहा है गहरा नाता

अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती के पिछले दो विज्ञापन विवादों में रहे। एपीएस भर्ती-2010 में धांधली को लेकर सीबीआई ने आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। वहीं, विवाद के कारण ही एपीएस भर्ती-2013 की परीक्षा आयोग ने खुद निरस्त कर दी थी और अब आयोग नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं कर रहा है, जिससे अभ्यर्थी परेशान हैं।

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