{"_id":"62619f0c48d0401ab155b32b","slug":"important-decision-of-allahabad-high-court-antigen-or-rtpcr-report-is-not-necessary-for-payment-of-ex-gratia-amount-on-death-due-to-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट का अहम फैसला : कोरोना से मृत्यु पर अनुग्रह राशि भुगतान के लिए एंटीजन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट का अहम फैसला : कोरोना से मृत्यु पर अनुग्रह राशि भुगतान के लिए एंटीजन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी नहीं
Fri, 22 Apr 2022 12:26 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:26 AM IST
सार
अदालत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिसकी मौत हो गई और उसमें कोरोना के लक्षण मौजूद रहे हैं तो उसके परिजनों को एक जून 2021 के शासनादेश के तहत अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाए।
विज्ञापन
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : प्रयागराज
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोरोना से मृत्यु पर अनुग्रह राशि भुगतान के लिए एंटीजन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी नहीं है। कोई भी व्यक्ति जिसकी मौत हो गई और उसमें कोरोना के लक्षण मौजूद रहे हैं तो उसके परिजनों को एक जून 2021 के शासनादेश के तहत अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और न्यायमूर्ति विकास बुद्धवार ने सहारनपुर की मिथिलेश की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
विज्ञापन
मामले में याची के अधिवक्ता कमल कुमार केसरवानी की ओर से तर्क दिया गया कि याची के पति मेघनाथ प्राथमिक विद्यालय देहरी ब्लॉक रामपुर मनिहारी जिला सहारनपुर मे प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। पंचायत चुनाव 2021 में उन्हें पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। दिनांक 14 एवं 15 अप्रैल 2021 को चुनाव ड्युटी सम्पन्न कराने के दौरान वह कोरोना से संक्रेमित हो गए। उनका इलाज जिला चिकित्सालय सहारनपुर में हुआ था लेकिन उनकी एंटीजन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध नही थी।
विज्ञापन
हालांकि अन्य सभी रिपोर्ट (सीटी स्कैन और खून की जांच) में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गए थे। लेकिन सरकार द्वारा अनुग्रह राशि का भुगतान करने से मना कर दिया गया था। डीएम की ओर से कहा गया कि याची के पति की एंटीजन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
इस पर याची ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया। मामले में दो जजों की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि एंटीजन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट उपलब्ध न होने मात्र से यह नहीं कहा जा सकता कि मृत्यु कोरोना से नहीं हुई। कोर्ट ने डीएम सहारनपुर को निर्देशित किया कि अनुकंपा अनुग्रह राशि के दावे को दो माह में निस्तारित करें।