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इफ्को सहकारी समिति की आम सभा का चुनाव रद्द
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IFFCO Cooperative Society General Assembly election canceled
प्रयागराज। फूलपुर स्थित इफ्को की किसान सेवा सहकारी समिति की प्रतिनिधि सभा के निर्वाचित प्रतिनिधि सदस्य आरपी सिंह बघेल का निर्वाचन आर्बिट्रेटर न्यायमूर्त्ति डा. सतीश चंद्रा ने रद्द कर दिया है। आर्बिट्रेटर ने नए सिरे से मतदाता सूची तैयार कर सभी पक्षों की आपत्तियों को सुनने के बाद चुनाव कराने का निर्देश दिया है। आर्बिट्रेटर ने जिला उद्यान अधिकारी और सहायक निबंधक सहकारी समितियां को नए सिरे से मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
किसान सेवा सहकारी समिति जसरा के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने आरपी सिंह बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी थी। आरोप है कि बघेल ने निर्वाचन अधिकारी इफ्को की मिलीभगत से फर्जी मतदाता सूची तैयार कर कई फर्जी औद्यानिक समितियों के नाम जुड़वा दिए । इसमें से कई समितियों का न तो निर्वाचन हुआ था और न ही उनके प्रतिनिधि सही थे। चार ऐसे प्रतिनिधियों का नाम शामिल कर किया गया जो किसी समिति के सदस्य ही नहीं थे। बघेल ने अपनी पत्नी को भी प्रतिनिधि बना कर शामिल कर लिया, जो किसी समिति की संचालक नहीं थीं। चुनाव में समिति का संचालक या अध्यक्ष वोट देता है।
इलाहाबाद में 168 और प्रतापगढ़ में 111 समितियां हैं, जो इफ्को की आम सभा में प्रतिनिधि चुन कर भेजती हैं। इफको ने चुनाव अधिकारी नियुक्त किया, जिसने समितियां से नामांकन आमंत्रित किए। चुनाव के लिए इलाहाबाद से 125 और प्रतापगढ़ से 10 समितियों को नामांकन किया। इनमें से चुनाव अधिकारी ने आपत्तियों के निस्तारण के बाद इलाहाबाद से 82 और प्रतापगढ़ से सात समितियों के नामांकन स्वीकार किए। बाकी का नामांकन रद्द कर दिया गया। चुनाव के लिए 14 मार्च 2019 को मतदाता सूची प्रकाशित हुई। सूची के प्रकाशन के बाद चार और समितियों को चुनाव में शामिल कर लिया गया। याची राजेश त्रिपाठी ने इस पर आपत्ति की मगर, चुनाव अधिकार ने आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए चुनाव करवा लिया। आर्बिट्रेटर ने चुनाव प्रक्रिया को अवैध मानते हुए निर्वाचन रद्द कर दिया है।
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किसान सेवा सहकारी समिति जसरा के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने आरपी सिंह बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी थी। आरोप है कि बघेल ने निर्वाचन अधिकारी इफ्को की मिलीभगत से फर्जी मतदाता सूची तैयार कर कई फर्जी औद्यानिक समितियों के नाम जुड़वा दिए । इसमें से कई समितियों का न तो निर्वाचन हुआ था और न ही उनके प्रतिनिधि सही थे। चार ऐसे प्रतिनिधियों का नाम शामिल कर किया गया जो किसी समिति के सदस्य ही नहीं थे। बघेल ने अपनी पत्नी को भी प्रतिनिधि बना कर शामिल कर लिया, जो किसी समिति की संचालक नहीं थीं। चुनाव में समिति का संचालक या अध्यक्ष वोट देता है।
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इलाहाबाद में 168 और प्रतापगढ़ में 111 समितियां हैं, जो इफ्को की आम सभा में प्रतिनिधि चुन कर भेजती हैं। इफको ने चुनाव अधिकारी नियुक्त किया, जिसने समितियां से नामांकन आमंत्रित किए। चुनाव के लिए इलाहाबाद से 125 और प्रतापगढ़ से 10 समितियों को नामांकन किया। इनमें से चुनाव अधिकारी ने आपत्तियों के निस्तारण के बाद इलाहाबाद से 82 और प्रतापगढ़ से सात समितियों के नामांकन स्वीकार किए। बाकी का नामांकन रद्द कर दिया गया। चुनाव के लिए 14 मार्च 2019 को मतदाता सूची प्रकाशित हुई। सूची के प्रकाशन के बाद चार और समितियों को चुनाव में शामिल कर लिया गया। याची राजेश त्रिपाठी ने इस पर आपत्ति की मगर, चुनाव अधिकार ने आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए चुनाव करवा लिया। आर्बिट्रेटर ने चुनाव प्रक्रिया को अवैध मानते हुए निर्वाचन रद्द कर दिया है।
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