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High Court : ऑनलाइन फॉर्म में की गई गलती को सुधारने का मौका दिया तो मुसीबतों का पिटारा खुल जाएगा, याचिका खारिज

Mon, 10 Nov 2025 06:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Nov 2025 06:03 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उम्मीदवार की ओर से की गई लापरवाही को सुधारने के मौका दिया तो मुसीबतों का पिटारा खुल जाएगा।

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If a chance is given to correct the mistake made in the online form, a Pandora box of troubles will open
अदालत का आदेश - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उम्मीदवार की ओर से की गई लापरवाही को सुधारने के मौका दिया तो मुसीबतों का पिटारा खुल जाएगा। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से आयोजित इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा के लिए भरे गए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में की गई लापरवाही को सुधारने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने रेखा पाल की याचिका पर दिया है।

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बलिया की रेखा पाल ने यूपीएसएसएससी की ओर से 2022 में इंस्ट्रक्टर के पद के लिए निकाले गए विज्ञापन के अनुसार ऑनलाइन फॉर्म भरा था। याची के पास आवश्यक योग्यता डिप्लोमा और नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी) दोनों थी। उन्होंने डिप्लोमा के आधार पर फॉर्म भरा। जबकि एनटीसी के लिए सीटें आरक्षित थीं। निर्धारित समय कोई सुधार भी नहीं किया। बाद में उन्होंने सभी दस्तावेज के साथ एनटीसी प्रमाणपत्र भी जमा किया। एनटीसी श्रेणी में कटऑफ से अधिक अंक वह प्राप्त कर रही थी। चयन न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि उन्होंने दस्तावेज़ जमा करते समय एनटीसी की योग्यता भी जमा कर दी गई थी और उसका सत्यापन भी हुआ था। इसलिए एनटीसी धारकों की श्रेणी में उनपर विचार होना चाहिए था। वहीं, प्रतिवादियों के वकील ने दस्तावेजों का सत्यापन भी केवल ऑनलाइन आवेदन में दिए गए विवरणों के आधार पर ही किया जाता है। याची ने सिर्फ डिप्लोमा योग्यता के आधार पर आवेदन किया था। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद माना कि याची ने ऑनलाइन फॉर्म जमा करते समय लापरवाही की थी। ऐसे में याची को लापरवाही को सुधारने का मौका दिया जाता है ऐसे बहुत से मामले कोर्ट आने लगेंगे और मुसीबतों का पिटारा खुल जाएगा। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

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