High Court : साल भर एक-दूसरे से अलग रह रहे पति-पत्नी सहमति से तलाक के हकदार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि साल भर एक-दूसरे से अलग रह रहे पति-पत्नी सहमति से तलाक लेने के हकदार हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की अदालत ने मिनाक्षी गुप्ता की अपील पर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि साल भर एक-दूसरे से अलग रह रहे पति-पत्नी सहमति से तलाक लेने के हकदार हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की अदालत ने मिनाक्षी गुप्ता की अपील पर दिया है।
दंपती ने अपील में संभल के पारिवारिक न्यायालय की ओर से सहमति से तलाक की अर्जी खारिज करने वाले आदेश को चुनौती दी थी। मीनाक्षी की शादी कैलाश गुप्ता संग 2004 में हुई थी। इससे उनके तीन बच्चे हैं। करीब 18 साल साथ रहने के बाद मतभेद पैदा होने पर 12 जनवरी 2022 से दोनों अलग रहने लगे। 1 अगस्त 2023 को दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला लिया। तलाक को कानूनी जामा पहनाने के लिए दोनों ने सहमति से तलाक की अर्जी पारिवारिक न्यायालय में दाखिल की थी।
लेकिन, न्यायालय ने उनकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि अलगाव की समय सीमा पूरी होने से एक दिन पहले दोनों साथ रहने लगे थे। इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची पत्नी की अपील को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। बच्चों की अभिरक्षा मां को सौंप दी गई।