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Prayagraj : नहर की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न, किसानों में मचा हाहाकार
Sat, 18 Jul 2026 12:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:47 PM IST
सार
बहरिया इलाके के बादलपुर गांव के पास स्थित शारदा सहायक खंड 39 रजबहा नहर की पटरी देर रात कमजोर होने के कारण अचानक टूट गई।
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बहरिया के बादलपुर में शारदा सहायक नहर टूटने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
- फोटो : संवाद।
विस्तार
बहरिया इलाके के बादलपुर गांव के पास स्थित शारदा सहायक खंड 39 रजबहा नहर की पटरी देर रात कमजोर होने के कारण अचानक टूट गई। पटरी टूटते ही नहर का पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों की ओर बढ़ गया, जिससे सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंच गए तथा नहर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन कर सूचना दी।
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लगभग 12 घंटे से लगातार नहर का पानी खेतों में भरता रहा। कई स्थानों पर एक फीट से अधिक जलभराव हो गया है, जिससे करीब एक सप्ताह पहले रोपी गई धान की फसल चौपट होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण दिनेश कुमार यादव ने बताया कि नहर का तेज बहाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पानी खेतों को पार कर अब ग्रामीण आबादी की ओर बढ़ रहा है। यदि जल्द नहर का बहाव नहीं रोका गया तो पानी गांव में प्रवेश कर ग्रामीणों के घरों तक पहुंच सकता है।
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किसानों ने नहर विभाग से तत्काल टूटी हुई पटरी की मरम्मत कर पानी का बहाव रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि लगभग 200 बीघा धान की खेती पानी में डूब गई है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सैकड़ों बीघा धान की फसल पूरी तरह नष्ट होने के साथ ग्रामीणों को भी जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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नहर टूटने की सूचना रात में मिली थी। मौके पर एक दर्जन से ज्यादा मजदूर लगाकर काम कराया जा रहा है। तत्काल नहर का पानी रोकने के लिए मजदूरों द्वारा बोरियों में मिट्टी भरकर टूटी हुई पटरी को बंद किया जा रहा है। इसके बाद जेसीबी की मदद से नहर की पटरी की मरम्मत कराई जाएगी। - अभिजीत कुमार वर्मा, सिंचाई विभाग