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प्रयागराज : हाईटेक कैमरों से छिपकर कैसे किया मासूम को अगवा, छानबीन में जुटी पुलिस

Sun, 19 Feb 2023 01:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 19 Feb 2023 01:09 AM IST
सार

सिविल लाइंस से एक साल के मासूम को अगवा किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पुलिस का दावा है कि केस दर्ज किए जाने के बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है।

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How the innocent was kidnapped by hiding from hi-tech cameras, police engaged in investigation
Crime Scene - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सिविल लाइंस से एक साल के मासूम को अगवा किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पुलिस का दावा है कि केस दर्ज किए जाने के बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है। इस क्रम में दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लाखों रुपये मूल्य के हाईटेक कैमरों से छिपकर मासूम को कैसे अगवा किया गया?

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मूल रूप से मानिकपुर, प्रतापगढ़ के करमौगंज, अंतामऊ के रहने वाले वीरेंद्र व उसकी पत्नी सोनी का एक साल का बेटा सावन 16 जनवरी को सिविल लाइंस से अगवा कर लिया गया था। घटना लाेकसेवा आयोग चौराहे के पास हुई थी जहां रहकर परिवार गुजर-बसर करता था। महीने भर बीतने के बाद भी पुलिस मासूम का पता नहीं लगा सकी है। सिविल लाइंस पुलिस का दावा है कि घटना के बाद से ही पूरी गंभीरता से मासूम की तलाश की जा रही है। लेकिन महीने भर बाद भी मासूम का सुराग न मिलने से इस दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पुलिस का कहना है कि मासूम की तलाश में दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। अब सवाल यह है कि आखिर कैसे हो सकता है कि सीसीटीवी कैमरोंं से लैस शहर से बच्चा अगवा हो जाए और फुटेज में इसके सबूत ही न हों। फिलहाल सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि बच्चे की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। बस अड्डे, रेलवे स्टेशन पर भी उसकी तस्वीर वाले पम्फलेट लगवा दिए गए हैं।

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पहले भी पकड़े जा चुके हैं तस्कर गिरोह

बच्चे के गायब होने के मामले में एक आशंका यह भी है कि कहीं इसमें मानव तस्कर गिरोह का तो हाथ नहीं। दरअसल शहर में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिनमें मानव तस्कर गिरोह के हाथ होने की बात सामने आई थी। जून 2021 में रामबाग स्टेशन के पास से बच्चा चोरी हुआ था जिसमें दंपति समेत कई लोग जेल भेजे गए थे। इससे पहले 15 अक्तूबर 2020 को रामबाग रेलवे स्टेशन के पास से ही ट्राली चालक रिजवान की एक साल की बेटी सना को अगवा किया गया था। इसमें डॉक्टर रंजन गौतम व उनकी पत्नी समेत पांच लोग गिरफ्तार हुए थे।

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