घरेलू कामकाज न करने से आर्थराइटिस की शिकार हो रही महिलाएं

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 12 Oct 2015 01:44 AM IST
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इलाहाबाद। घरेलू कामकाज से परहेज करने, आराम पसंद महिलाओं के लिए यह खबर सावधान करने वाली है। अस्थिरोग एवं फिजियोथेरेपिस्ट विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी महिलाओं में आर्थराइटिस और ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां तेजी से गिरफ्त में ले रही है।
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एक फिजियोथेरेपी सेंटर के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिछले एक साल के भीतर सेंटर में आर्थराइटिस और ओस्टियोपोरोसिस, जैसी बीमारियों का इलाज कराने पहुंचे 800 मरीजों में 545 महिलाएं थी। वहीं एक अन्य आर्थोपेडिक सर्जन के मुताबिक उल्लेखनीय पहलू यह है कि इन सभी महिलाओं में ज्यादातर महिलाएं ऐसी थी जिन्हाेंने इलाज के दौरान बताया कि वे कोई घरेलू काम नहीं करती है। सेंटर में आर्थराइटिस का इलाज कराने पहुंची तमाम महिलाएं ऐसी थी जो सियाटिका और सरवाइकल स्पांडिलाइटिस से पीड़ित होने की वजह से चलने फिरने में असमर्थ थी।
विशेषज्ञों की मानें तो पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर की हड्डियां दस फीसदी अधिक कमजोर होती है ऐसे में महिलाओं में आर्थराइटिस या फिर ओस्टियोपोरोसिस बीमारी की संभावना अधिक होती है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.  ओपी सिंह के मुताबिक नियमित ओपीडी में इलाज कराने आ रहे मरीजों में से 70 फीसदी महिला मरीज होती हैं। जो ओस्टियोपोरोसिस या ओस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित होती है। महिलाएं नियमित व्यायाम और उचित खानपान से हड़्डी से जुड़ी बीमारियों से खुद को बचा सकती हैं।
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. केडी त्रिपाठी के मुताबिक घरेलू कामकाज नहीं करने वाली महिलाआें के घुटनों में कार्टिलेज में 40 साल की उम्र से घिसाव शुरू हो जाता है जिससे आर्थराइटिस की समस्या खड़ी हो जाती है। महिलाएं नियमित तौर पर व्यायाम व खानपान में कैल्शियम युक्त चीजें लेकर आर्थराइटिस या ओस्टिेयोपोरोसिस से बच सकती हैं।

वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राकेश चंद्रा के मुताबिक आर्थराइटिस या ओस्टियोपोरोसिस का फिजियोथेरेपी, लेजर थेरेपी से कारगर इलाज किया जा सकता है। लेजर थेरेपी से स्वस्थ ऊतकों को बिना नुकसान पहुंचाए क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत की जा सकती है। नियमित व्यायाम, सही मुद्रा में सोने से आर्थराइटिस बीमारी से बचा जा सकता है। अति गंभीर स्थिति होने पर सर्जरी की मदद से ही दर्द से मुक्ति मिल सकती है।

विश्व आर्थराइटिस  दिवस पर सृजन अस्पताल में शनिवार को सांय चार से छह बजे तक निशुल्क जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा कमर दर्द, सियाटिका, स्लिप डिस्क, सरवाइकल स्पांडिलाइटिस, गठिया, की जांच कर इलाज किया जाएगा। दूसरी ओर हरि नेत्रालय / आर्थोपेडिक सेंटर में भी सुबह साढ़े 10 से तीन बजे तक शिविर का आयोजन होगा। आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विकास त्रिवेदी आधुनिक मशीनों से मरीजों की जंाच करेंगे।
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