रक्षा बंधन उत्सव : विश्व की सारी समस्याओं का निदान है हिंदुत्व, राष्ट्र रक्षा के संकल्पों का पर्व है यह पर्व
मुख्य वक्ता के रूप में मुकुल कानिटकर ने कहा कि हम ईश्वर तक पहुंचने के सभी मार्गों का सम्मान करते हैं। इसीलिए विश्व को हिंसा से बचाने में हिंदुत्व ही समर्थ है। आगे कहा कि आज विश्व में परिवार बिखर रहे हैं, जबकि भारत में परिवार का रूप बदल रहा है। आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप उसमें विस्तार हो रहा है। परिवार प्रणाली भारत की विश्व को अनमोल देन है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार टोली सदस्य मुकुल कानिटकर ने बुधवार को कहा कि विश्व की सारी समस्याओं का निदान हिंदुत्व है। हिंदुत्व की पुनः प्रतिष्ठा करने का हमें संकल्प लेना होगा। उन्होंने यह विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से बुधवार को प्रयाग संगीत समिति के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्षा बंधन उत्सव में व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुकुल कानिटकर ने कहा कि हम ईश्वर तक पहुंचने के सभी मार्गों का सम्मान करते हैं। इसीलिए विश्व को हिंसा से बचाने में हिंदुत्व ही समर्थ है। आगे कहा कि आज विश्व में परिवार बिखर रहे हैं, जबकि भारत में परिवार का रूप बदल रहा है। आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप उसमें विस्तार हो रहा है। परिवार प्रणाली भारत की विश्व को अनमोल देन है।
विकसित देशों में विवाह से अधिक तलाक होते हैं। हमारी भारतीय भाषाओं में तलाक शब्द है ही नहीं। रक्षा बंधन को लेकर उन्होंने कहा कि यह उत्सव संबंधों का उत्सव है। यह राष्ट्रीय कर्तव्य के स्मरण का पर्व है। रक्षाबंधन का पावन पर्व धर्म ,संस्कृति तथा राष्ट्र की रक्षा के संकल्पों का पावन पर्व है। इसे संकल्प पर्व के रूप में ही मनाएं। आज विकसित देशों की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर रही है, लेकिन भारत आर्थिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था त्याग पर आधारित है, भोग पर नहीं। उन्होंने स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि वह विश्व गुरु भारत को सर्वोच्च पद पर स्थापित करने के लिए अपनी आहुति देने के लिए तैयार रहें।
कार्यकर्ताओं और स्वयं सेवकों ने एक दूसरे को बांधा रक्षासूत्र
इस अवसर पर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय कि कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक समरसता और मेलजोल का पर्व है। यह हमें मिलजुल कर रहना सिखाता है। सब में एक ही चैतन्य का निवास है। इसकी शिक्षा भी हमें भारतीय परंपरा से मिलती है। इसके पूर्व कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने ध्वज तथा एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की बधाई दी।
कार्यक्रम में विभाग संघ पदाधिकारी डा. विश्वनाथ लाल निगम एवं प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रांत प्रचारक मुनीश, प्रो. राज बिहारी, विभाग प्रचारक आदित्य, डा. एमजे त्रिपाठी, मेयर गणेश केसरवानी, सांसद केशरी देवी पटेल, डा. कीर्तिका अग्रवाल, विक्रमजीत सिंह भदौरिया, अवधेश चंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।