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अधिग्रहण के बाद खरीदी गई जमीन का मुआवजा पाने का हक नहीं: हाईकोर्ट
Mon, 19 Oct 2020 02:12 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 02:12 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद खरीदी गई जमीन का मुआवजा पाने का अधिकार नहीं है। अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होते ही जमीन सरकार में निहित हो जाती है। अधिगृहीत भूमि खरीदने या बेचने का किसी को अधिकार नहीं है। ऐसे में अधिगृहीत भूमि खरीदने वाला व्यक्ति जमीन का मुआवजा पाने का हकदार नहीं है।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विपिन अग्रवाल केस में स्थापित विधि सिद्धांत को अपनाते हुए मुआवजा दिलाने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। अदालत याची के इस तर्क से सहमत नहीं थी कि याचिका में अधिग्रहण को चुनौती नहीं दी गई है, केवल मुआवजे की मांग की गई है। जमीन खरीदने वाले को मुआवजा पाने का अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने अजय कुमार श्रीवास्तव की याचिका पर दिया है।
गाजीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिगृहीत की गई। अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके बाद भूमि स्वामी से याची ने जमीन का बैनामा करा लिया और मुआवजे के लिए आवेदन किया। कहा गया कि उसने जमीन खरीद ली है, इसलिए मुआवजा उसे ही दिया जाए। डीएम गाजीपुर ने सात दिसंबर 19 को यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि अधिग्रहण के बाद सरकार की जमीन की बिक्री व खरीद मान्य नहीं है, जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी।
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हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विपिन अग्रवाल केस में स्थापित विधि सिद्धांत को अपनाते हुए मुआवजा दिलाने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। अदालत याची के इस तर्क से सहमत नहीं थी कि याचिका में अधिग्रहण को चुनौती नहीं दी गई है, केवल मुआवजे की मांग की गई है। जमीन खरीदने वाले को मुआवजा पाने का अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने अजय कुमार श्रीवास्तव की याचिका पर दिया है।
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गाजीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिगृहीत की गई। अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके बाद भूमि स्वामी से याची ने जमीन का बैनामा करा लिया और मुआवजे के लिए आवेदन किया। कहा गया कि उसने जमीन खरीद ली है, इसलिए मुआवजा उसे ही दिया जाए। डीएम गाजीपुर ने सात दिसंबर 19 को यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि अधिग्रहण के बाद सरकार की जमीन की बिक्री व खरीद मान्य नहीं है, जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी।
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