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हाईकोर्ट : असदुद्दीन ओवैसी पर गोली चलाने के आरोपियों को दो लोगों को मिली जमानत
Fri, 03 May 2024 05:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 May 2024 05:54 PM IST
सार
मामला 3 फरवरी 2022 का है। कार से ओवैसी मेरठ से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान एक टोल प्लाजा के पास उनके वाहन पर गोलीबारी की गई। वह सुरक्षित बच गए। हमलावर मौके से भाग निकले। हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में सचिन शर्मा और शुभम गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के वाहन पर गोली चलाने के आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की अदालत ने सचिन शर्मा व अन्य की ओर दाखिल जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दिया है।
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मामला 3 फरवरी 2022 का है। कार से ओवैसी मेरठ से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान एक टोल प्लाजा के पास उनके वाहन पर गोलीबारी की गई। वह सुरक्षित बच गए। हमलावर मौके से भाग निकले। हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में सचिन शर्मा और शुभम गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को जुलाई 2022 में उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत आदेशों को रद्द कर दिया। कहा था कि अपराध की गंभीरता पर उच्च न्यायालय ने विचार नहीं किया था। इसके बाद मामले को नए सिरे से निर्णय के लिए भेज दिया गया।
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शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कहा कि सीसीटीवी फुटेज के अलावा जांच अधिकारी की ओर से कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर मौके पर आरोपी की उपस्थिति की पुष्टि की गई थी। कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में देखे गए व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि और वास्तविक तस्वीरों के साथ मिलान की सामग्री प्रथम दृष्टया केस डायरी से गायब प्रतीत होती है। ऐसे में आवेदकों को विचाराधीन अपराध से जोड़ने वाले साक्ष्य प्रथम दृष्टया कमजोर हैं। आरोपी 04 फरवरी 2022 से जेल में हैं। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने जमानत का हकदार मानते हुए रिहा करने का आदेश दिया।
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