High Court : हाईकोर्ट ने आजम खान मामले में अंतिम फैसले पर रोक 28 जुलाई तक बढ़ाई
सपा नेता आजम खान को बेदखली प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक और राहत मिली है। मंगलवार को न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आजम खान और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ अंतिम आदेश या फैसला देने पर लगी रोक को 28 जुलाई 2025 तक बढ़ा दिया।
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सपा नेता आजम खान को बेदखली प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक और राहत मिली है। मंगलवार को न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आजम खान और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ अंतिम आदेश या फैसला देने पर लगी रोक को 28 जुलाई 2025 तक बढ़ा दिया।
रामपुर के कोतवाली थाने में 2016 में यतीमखाना को ढहाने के मामले में 2019 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आजम खां और अन्य पर जबरन बेदखली, डकैती, गृह में अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। ट्रायल कोर्ट में याची ने मांग की थी कि मुख्य गवाहों, विशेष रूप से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर अहमद फारूकी की दोबारा गवाही कराई जाए और महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड में लाया जाए, जो उनकी घटनास्थल पर अनुपस्थिति साबित कर सकती है।
ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को 30 मई 2025 के आदेश से खारिज कर दिया था। इसे याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले में तात्कालिक राहत देते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर लगाई गई रोक 28 जुलाई तक बढ़ा दी है। याचिका में की गई मांग के अनुसार यदि ट्रायल कोर्ट में गवाहों को दोबारा से पेश करने की इजाजत मिलती है तो आजम खां व अन्य के लिए बड़ी राहत हो सकती है।