Prayagraj Violence : अटाला हिंसा के तीन आरोपियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक
हाईकोर्ट ने यह आदेश तीनों आरोपियों की ओर से दाखिल अलग-अलग अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई करते हुए दिया है। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता केके राय, राजवेंद्र सिंह और मोहम्मद सईद ने बहस की।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के अटाला में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के आरोपी उमर खालिद, शाह आलम और जीशान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए यूपी सरकार से जानकारी मांगी है।
हाईकोर्ट ने यह आदेश तीनों आरोपियों की ओर से दाखिल अलग-अलग अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई करते हुए दिया है। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता केके राय, राजवेंद्र सिंह और मोहम्मद सईद ने बहस की। तीनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना के दिन वह आजमगढ़ में थे। उन्हें झूठा फंसाया गया है।
प्रयागराज पुलिस ने उनके ऊपर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। जबकि, उसके खिलाफ घटना में लिप्त होने का कोई सबूत नहीं है। कोर्ट सह अभियुक्त मोहम्मद जीशान रहमानी को पहले ही जमानत दे चुकी है।
अटाला बवाल में जावेद समेत 106 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
अटाला बवाल में मुख्य आरोपी जावेद समेत 106 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अटाला में दस जून को जुमे की नमाज के बाद भारी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई थी। इसके बाद वहां जमकर बवाल हुआ था। कई गाड़ियों को आग से हवाले कर दिया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस वालों को भी चोटें आईँ थीं। पुलिस ने पहले दिन जावेद समेत 64 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सभासद फजल, जीशान रहमानी, और उमर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके बाद कुल 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर खुल्दाबाद अनुराग शर्मा कर रहे थे। इंस्पेक्टर ने बृहस्पतिवार को 106 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में जितने वांटेड हैं। उनके खिलाफ चार्जशीट अभी नहीं दाखिल की गई है।