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Prayagraj News: भगोड़े शाइन सिटी के डायरेक्टर के प्रत्यर्पण के बारे में विदेश मंत्रालय से हाईकोर्ट ने मांगी जानकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2024 05:16 AM IST
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High Court seeks information from Ministry of External Affairs regarding extradition of fugitive Shine City director
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करोड़ों के घोटाले के आरोपी शाइन सिटी के डायरेक्टर के प्रत्यर्पण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट विदेश मंत्रालय भारत सरकार से मांगी है। साथ ही ईडी, एसएफआईओ और ईओडब्ल्यू को जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले के आरोपियों की ओर से किसी तीसरे पक्ष को कोई और बिक्री विलेख निष्पादित नहीं किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी अधिकारी यह ध्यान रखें कि इस मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर न जा पाए।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की कोर्ट ने श्रीराम राम की याचिका पर यह आदेश दिया है। मामले में शाइन सिटी के डायरेक्टर राशिद नसीम पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। इसी संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने आईजी ईओडब्ल्यू, असिस्टेंट डायरेक्टर ईडी व एसएफआईडी के अधिकारियों को तलब भी किया था।
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कोर्ट ने ईडी के अधिकारी से पूछा कितने रुपये जुटाए
शुक्रवार को ईडी के अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि जनवरी 2021 में मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा गया था। तब से भूमि व अन्य संपत्तियां कुर्क कर 127 करोड़ जुटाए गए हैं। वहीं, कोर्ट ने जब पूछा कि आज तक कुल कितने रुपये जुटाए गए हैं, तब इसका जवाब ईडी के अधिकारी नहीं दे सके।
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तंज...ईडी का काम याची अधिवक्ता कर रहे
कोर्ट ने कहा कि जो काम ईडी को करना चाहिए था, वह काम याची अधिवक्ता कर रहे हैं। कहा कि घोटाले में शामिल 60 कंपनियों की सूची उन्होंने दी है। इसके बाद भी ईडी ने इन कंपनियों की जांच नहीं की। कोर्ट ने ईडी से पूछा कि उन्होंने कितने बैंक खातों और उनसे हुए लेनदेन की जांच की है। इस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
कैसे सैकड़ों करोड़ की नकदी बैंक से निकाली गई?
कोर्ट ने एसएफआईओ की जांच पर भी नाराजगी जताई। आईजी, ईओडब्ल्यू प्रशांत कुमार, एवी राजमौली, सचिव ने अदालत को आश्वस्त किया है कि वे इस मामले में जांच करेंगे। याची अधिवक्ता ऋषभ राज ने दलील दी कि जांच एजेंसियों को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि कैसे सैकड़ों करोड़ की नकदी बैंक से निकाली गई। इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को नहीं हो पाई। जबकि, आरबीआई के नियमानुसार सभी बैंकों को 10 लाख से अधिक की नकदी जमा और निकासी के बारे में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करनी है। यह भी जांच की जानी चाहिए कि बैंक से निकाली गई सारी नकदी कहां निवेश की गई।

एजेंसियां जांच करने में पूरी तरह विफल रही हैं...
कोर्ट ने कहा कि ये सभी एजेंसियां जांच करने में पूरी तरह विफल रही हैं। जांच एजेंसियों को निर्देश दिया जाता है कि वे आरोपियों व कंपनियों के खिलाफ उचित जांच करें। साथ ही पैसे के लेनदेन का पता लगाए जाए। अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी।
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