हाईकोर्ट : सेवानिवृत कर्मचारी को वेतन वृद्धि न देने पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
याची जगवीर सिंह रोहिला गाजियाबाद के सिंचाई विभाग अधिशाषी अभियंता कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के पद से 30 जून 2018 को सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद उन्होंने वित्तीय वर्ष 2017~18 की वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करने की मांग की, जिसे विभाग ने ठुकरा दिया था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीस जून को सेवानिवृत कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ न देने पर सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन ने गाजियाबाद के सिंचाई विभाग के सेवानिवृत कर्मचारी जगवीर सिंह रोहिला की याचिका पर दिया है।
याची जगवीर सिंह रोहिला गाजियाबाद के सिंचाई विभाग अधिशाषी अभियंता कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के पद से 30 जून 2018 को सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद उन्होंने वित्तीय वर्ष 2017~18 की वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करने की मांग की, जिसे विभाग ने ठुकरा दिया था।
याची ने विभाग द्वारा वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करने से इंकार करने वाले आदेश को हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष चुनौती दी थी। याची के अधिवक्ता जगदीश सिंह बुंदेला ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशो का हवाला देते हुए कहा की तीस जून को सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी को एक वेतन वार्षिक वृद्धि से वंचित नहीं किया जा सकता।
जबकि, याचिका का विरोध करते हुए सरकारी वकील ने दलील दी कि वेतन वृद्धि का लाभ सेवारत कर्मचारी को ही दिया जा सकता है, जबकि वेतन वृद्धि लगाए जाने की तिथि एक जुलाई को याची सेवानिवृत हो चुका है। कोर्ट ने याचिका में मुख्य सचिव को पक्षकार बनाए जाने की अनुमति देते हुए राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब करते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।