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अध्यापकों की ज्वाइनिंग में आचार संहिता बाधा नहीं, हाईकोर्ट ने गाजियाबाद बीएसए का आदेश किया रद्द
Wed, 10 Apr 2019 12:01 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Apr 2019 12:01 PM IST
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फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थाओं में अध्यापकों की नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने में चुनाव आचार संहिता बाधा नहीं है। कोर्ट ने आचार संहिता को आधार पर बनाकर नियुक्ति पा चुकी अध्यापिका के कार्यभार ग्रहण करने पर रोक लगाने संबंधी बीएसए गाजियाबाद के आदेश को रद्द कर दिया है।
बीएसए को निर्देश दिया है कि वह दस दिन के भीतर नए सिरे से ज्वानिंग आदेश जारी करें। निशा शर्मा की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने दिया। याची के अधिवक्ता महेश शर्मा का कहना था कि याची का चयन हो चुका है बीएसए ने अनुमोदन भी कर दिया है।
प्रबंध समिति से नियुक्तिपत्र जारी हो चुका है। इसके बाद बीएसए ने यह कहते हुए ज्चानिंग रोक दी कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। कोर्ट ने कहा कि आचार संहिता में ऐसा कोई उपबंध नहीं जिससे शिक्षण संस्थाओं में नियुक्ति या ज्वाइनिंग रोकी जा सके। बीएसए के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।
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बीएसए को निर्देश दिया है कि वह दस दिन के भीतर नए सिरे से ज्वानिंग आदेश जारी करें। निशा शर्मा की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने दिया। याची के अधिवक्ता महेश शर्मा का कहना था कि याची का चयन हो चुका है बीएसए ने अनुमोदन भी कर दिया है।
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प्रबंध समिति से नियुक्तिपत्र जारी हो चुका है। इसके बाद बीएसए ने यह कहते हुए ज्चानिंग रोक दी कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। कोर्ट ने कहा कि आचार संहिता में ऐसा कोई उपबंध नहीं जिससे शिक्षण संस्थाओं में नियुक्ति या ज्वाइनिंग रोकी जा सके। बीएसए के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।
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