फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court said: DIOS Ballia is playing with orders, ban on passing new orders without court's permission

हाईकोर्ट ने कहा : अदालती आदेशों संग शतरंजी खेल...खेल रहे डीआईओएस बलिया, बिना इजाजत नया आदेश पारित करने पर रोक

Thu, 02 May 2024 05:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 02 May 2024 05:32 PM IST
सार

मामला बलिया जिले के रानीपुर स्थित श्री सुदीत बाबा इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य की नियुक्ति से जुड़े विवाद का है। याची कॉलेज के वरिष्ठ प्रवक्ता है। 11 अगस्त 2016 को उन्हें प्रबंधन ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया था।

विज्ञापन
High Court said: DIOS Ballia is playing with orders, ban on passing new orders without court's permission
अदालत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य की नियुक्ति से जुड़े एक विवाद में जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया (डीआईओएस) के आचरण पर तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि वह कुंठाग्रस्त हैं। इस कारण वह हाईकोर्ट के आदेशों के साथ शतरंज खेल रहे हैं। यह तल्ख टिप्पणी न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने बलिया जिले के श्री सुदीतबाबा इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अशोक कुमार पांडेय की ओर से डीआईओएस द्वारा याची को पद से हटा कर अयोग्य सहायक अध्यापक की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए की।

विज्ञापन


कया है मामला

मामला बलिया जिले के रानीपुर स्थित श्री सुदीत बाबा इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य की नियुक्ति से जुड़े विवाद का है। याची कॉलेज के वरिष्ठ प्रवक्ता है। 11 अगस्त 2016 को उन्हें प्रबंधन ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया था। अपनी नियुक्ति से 4 जुलाई 2022 तक वह शांतिपूर्वक अपने कर्तव्य का पालन करते रहे। इसी बीच रमेश कुमार सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया का कार्यभार संभाला। इसके बाद याची पर कई आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया और उनसे कनिष्ठ और एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक को कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया।

विज्ञापन

याची की दलील

याची के अधिवक्ता का कहना था कि याची ने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट ने चुनौती दी थी, जिसपर हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए डीआईओएस से जवाब तलब किया था। लेकिन डीआईओएस ने जवाब देने के बजाय याची के खिलाफ नए आरोप लागते हुए डीएम बलिया से शिकायत की और फिर गबन के आरोप में नई जांच शुरू हो गई। इस नई जांच का हवाला देते हुए निलंबन आदेश पर पारित स्थगन आदेश का पालन नहीं किया।

यही नहीं, उन्होंने याची को जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में कार्यवाहक प्रधानाचार्य का भत्ता न देकर प्रवक्ता को मिलने वाला भत्ता प्रदान करने का आदेश पारित कर दिया। याची ने उसे भी चुनौती दी। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए, पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन में याची को वेतन सहित बहाल करने का आदेश पारित किया, लेकिन डीआईओएस ने नही माना, जबकि याची ने अवमानना याचिका भी दाखिल की और उस पर उन्हें नोटिस जारी हुई है।

इसकी जानकारी पर याची के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई, उस पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। याची का आरोप है कि डीआईओएस दुर्भावनापूर्ण तरीके से याची को हटा कर सहायक अध्यापक आलोक कुमार सिंह की जबरन नियुक्ति करना चाहते है। जबकि वह इस पद के लिए योग्य नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed