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UP : हाईकोर्ट ने सपा कार्यालय मामले में हस्तक्षेप से किया इन्कार, कहा-एक मामले की दो जगह नहीं हो सकती सुनवाई
Mon, 07 Jul 2025 05:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 07 Jul 2025 05:50 PM IST
सार
लाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत में सपा कार्यालय से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। कहा, मामले की सुनवाई पहले से ही सिविल कोर्ट में चल रही है। ऐसे में हाईकोर्ट में उसी मामले में समानांतर सुनवाई नहीं हो सकती।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत में सपा कार्यालय से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। कहा, मामले की सुनवाई पहले से ही सिविल कोर्ट में चल रही है। ऐसे में हाईकोर्ट में उसी मामले में समानांतर सुनवाई नहीं हो सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने सपा की याचिका पर दिया।
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सपा की ओर याचिका दाखिल की गई थी। उसमें पीलीभीत नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के छह जून 2025, 17 जून 2025 के नोटिस और पालिका की ओर से लगाए गए ताले को हटाने व संबंधित परिसर में शांतिपूर्ण कब्जे में हस्तक्षेप करने से रोकने का निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी। कोर्ट ने कहा, जब याचिकाकर्ता ने आपत्तिजनक कार्रवाई को चुनौती देने के लिए सिविल कोर्ट में पहले ही मुकदमा दायर किया है तो उसी मामले के संबंध में दो अलग-अलग अदालतों में एक साथ सुनवाई की अनुमति देना उचित नहीं होगा।
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कानूनन एक ही मामले के संबंध में समानांतर सुनवाई की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इन तथ्यों और स्थापित कानूनी सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले में अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सक्षम सिविल कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने की स्वतंत्रता देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
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