{"_id":"627402bf71225a20be404c74","slug":"high-court-pil-filed-for-inclusion-of-madrassas-in-up-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट : मदरसों को यूपी बोर्ड में शामिल करने के लिए जनहित याचिका दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट : मदरसों को यूपी बोर्ड में शामिल करने के लिए जनहित याचिका दाखिल
Thu, 05 May 2022 10:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 May 2022 10:30 PM IST
सार
सहर नकवी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि चूंकि मदरसों के छात्रों को सामान्य शिक्षा प्रदान नहीं की जा रही है और उन्हें केवल धार्मिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसलिए समाज को नुकसान हो रहा है। कहा गया है कि अलग शिक्षा प्रणाली एक बुरी मानसिकता को जन्म देती है और यह बुरी गतिविधियों में बदल जाती है।
विज्ञापन
मदरसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सूबे के सभी मदरसों को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और यूजीसी में विलय करने की मांग की गई है। कहा गया है कि कोर्ट सरकार को निर्देश दे कि मदरसों को यूपी बोर्ड का हिस्सा बनाया जाए, जिससे छात्र कठोर धार्मिक मानसिकता से बाहर आ सकें।
विज्ञापन
सहर नकवी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि चूंकि मदरसों के छात्रों को सामान्य शिक्षा प्रदान नहीं की जा रही है और उन्हें केवल धार्मिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसलिए समाज को नुकसान हो रहा है। कहा गया है कि अलग शिक्षा प्रणाली एक बुरी मानसिकता को जन्म देती है और यह बुरी गतिविधियों में बदल जाती है।
विज्ञापन
जिससे लोग पीड़ित हो रहे हैं और वही समाज के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं। मदरसों के छात्र का स्वभाव और व्यवहार आम छात्रों के व्यवहार की तरह नहीं हैं, जिससे वे अपनी शिक्षा से अलग हो जाते हैं। और उनके व्यवहार में कोई प्रगतिशील परिवर्तन नहीं होता है और न केवल यूपी बल्कि पूरी दुनिया इस प्रकार की इस्लामी शिक्षा से पीड़ित है।
विज्ञापन
मदरसा शिक्षा से तमाम तरह के विवाद
याची ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आए दिन हिजाब, टोपी विवाद और इस्लामी आतंकवाद जैसी खबरें देखते और सुनते हैं। इसके पीछे की वजह मदरसों की शिक्षा है। राज्य सरकार ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की है। आरोप लगाया गया कि इन मदरसों के पक्ष में कई अधिकारी और वकील हैं और यही कारण है कि संबंधित मुद्दों का आज तक समाधान नहीं किया गया है। याचिका में छात्रों की बेहतरी के लिए मदरसों की शिक्षा प्रणाली में सुधार करने का निर्देश देने की मांग की गई है।