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निजी स्कूलों की शुल्क वृद्धि के खिलाफ याचिका
Mon, 22 Jun 2020 09:15 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 22 Jun 2020 09:15 PM IST
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Allahabad High Court
- फोटो : PTI
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निजी स्कूलों द्वारा शुल्क वृद्धि को लेकर सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करने तथा निजी स्कूलों के शुल्क निर्धारण को लेकर बने कानून को लागू कराने की मांग में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका नोएडा के अभिषित कुसुम गुप्ता ने अधिवक्ता अर्चित मेहरोत्रा के माध्यम से दाखिल की है।
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याचिका में कहा गया है कि प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा ने सात, 21 और 27 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिया है कि कोई भी स्कूल कोविड 19 के कारण हुए लाक डाउन की वजह से बढ़ी हुई फीस नहीं वसूलेगा और न ही अभिभावकों को त्रैमासिक शुल्क जमा करने पर बाध्य किया जाएगा।
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स्कूलों को मासिक शुल्क वसूली की छूट दी गई है। डीएम गौतमबुद्धनगर ने भी आदेश जारी किया है। मगर इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। याची ने केंद्र सरकार को भी पत्र भेज कर इस दिशा में आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। मगर अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
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याची का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 2018 में निजी स्कूलों के मनमानी शुल्क वसूली को रोकने के लिए कानून पारित किया है। मगर इसके नियम अभी तक नहीं बने हैं। रेग्युलेटरी कमेटी की ओर से भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। याचिका में स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने तथा फीस जमा न कर पाने किसी भी बच्चे का दाखिला रद्द नहीं करने की मांग की गई है।