फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court order College should pay Rs 5 lakh compensation to law student,

हाईकोर्ट का आदेश : विधि छात्र को महाविद्यालय अदा करे पांच लाख हर्जाना, मापदंडों के खिलाफ प्रवेश देना लापरवाही

Sun, 20 Oct 2024 01:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 20 Oct 2024 01:46 PM IST
सार

महाविद्यालय में याची ने विधि प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। प्रथम सत्र में संस्थागत छात्र के रूप में पढ़ाई भी की और परीक्षा में शामिल हुआ। दूसरे सत्र (सेमेस्टर) में प्रवेश के लिए आवेदन किया तो योग्यता पूरी न होने का हवाला देते हुए दाखिला रद्द कर दिया गया।

विज्ञापन
High Court order College should pay Rs 5 lakh compensation to law student,
अदालत (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रभादेवी भगवती प्रसाद विधि महाविद्यालय पर पांच लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। यह राशि याची को गलत प्रवेश दिए जाने के एवज में बतौर मुआवजा अदा दी जाएगी। हालांकि, छात्र की विधि पाठ्यक्रम के अगले सत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने याची विधि छात्र अजय कुमार पांडे की ओर से दाखिल विशेष अपील पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पात्रता मापदंड को नजरंदाज कर महाविद्यालय में प्रवेश देने और फिर अगले सत्र में विधि छात्र का प्रवेश यह कहते हुए रद्द करना कि वह दाखिले के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं है। प्रथम दृष्टया महाविद्यालय की गलती है। इससे छात्र के जीवन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हुआ। यह उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
विज्ञापन


महाविद्यालय में याची ने विधि प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। प्रथम सत्र में संस्थागत छात्र के रूप में पढ़ाई भी की और परीक्षा में शामिल हुआ। दूसरे सत्र (सेमेस्टर) में प्रवेश के लिए आवेदन किया तो योग्यता पूरी न होने का हवाला देते हुए दाखिला रद्द कर दिया गया। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट की एकल पीठ का दरवाजा खटखटाया था। एकल पीठ ने बतौर मुआवजा तीस हजार रुपये की रकम अदा करने का आदेश दिया। लेकिन, प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद याची ने खंडपीठ से गुहार लगाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

खंडपीठ ने भी प्रवेश न दिए जाने के सवाल पर एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा। जबकि, छात्र को दी जाने वाली मुआवजा राशि तीस हजार से बढ़ाकर पांच लाख कर दी। कहा कि छात्र ने कोई धोखा नहीं किया, बल्कि महाविद्यालय ने लापरवाही संग काम किया। क्योंकि, छात्र को प्रवेश दिए जाने की संस्तुति महाविद्यालय ही देता है। यह आश्चर्यजनक है कि निर्धारित मापदंड के विपरीत महाविद्यालय ने न सिर्फ छात्र को प्रवेश दिया, बल्कि परीक्षा में भी शामिल करवाने की संस्तुति भी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed