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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: License cannot be refused on the basis that arms license is in the name of family members.

हाईकोर्ट : परिवार के सदस्यों के नाम आर्म्स लाइसेंस हो, इस आधार पर लाइसेंस देने से नहीं किया जा सकता इनकार

Fri, 22 Sep 2023 05:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 22 Sep 2023 05:39 PM IST
सार

याची ने डीएम मेरठ के समक्ष आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन डीएम ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके पति, ससुर और सास के नाम से पहले से ही लाइसेंस है। लिहाजा, याची को लाइसेंस नहीं दिया जा सकता है।

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High Court: License cannot be refused on the basis that arms license is in the name of family members.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों के पास आर्म्स का लाइसेंस होने के आधार पर किसी महिला को लाइसेंस देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने मेरठ जिले के खरखोदा इलाके की रहने वाली याची सीमा त्यागी का आर्म्स लाइसेंस देने की मांग वाली याचिका को स्वीकार कर ली और डीएम मेरठ को लाइसेंस दिए जाने के अभ्यावेदन पर विचार करने का निर्देश दिया।

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याची ने डीएम मेरठ के समक्ष आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया था लेकिन डीएम ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके पति, ससुर और सास के नाम से पहले से ही लाइसेंस है। लिहाजा, याची को लाइसेंस नहीं दिया जा सकता है। याची ने मेरठ कमिश्नर के समक्ष अपील की लेकिन मेरठ कमिश्नर ने अपील को खारिज कर दिया। याची ने डीएम और कमिश्नर के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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याची के अधिवक्ता पंकज त्यागी और आकाश त्यागी ने तर्क दिया की याची का पारिवारिक व्यवसाय है और व्यावसायिक स्थल से उसका घर दो किलोमीटर दूर है। लिहाजा उसे लाइसेंस दिया जाना जरूरी है, जिससे कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया।

कहा कि याची को लाइसेंस नहीं दिया जा सकता। क्योंकि, परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पहले से ही लाइसेंस है लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना। कहा कि परिवार के और सदस्यों के पास आर्म्स लाइसेंस होने से किसी को लाइसेंस देने से मना नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने याची के अभ्यावेदन पर डीएम मेरठ को निर्देशित किया कि वह 2 महीने के अंदर विचार कर लाइसेंस देने अध्यावेदन का निस्तारण करें।

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