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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: DM must refer matter to court if refusing to release property attached under the Gangsters Act.

हाईकोर्ट : गैंगस्टर में कुर्क संपत्ति रिलीज से इन्कार पर डीएम को मामला कोर्ट भेजना जरूरी

Mon, 05 Oct 2026 04:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 05 Oct 2026 04:09 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क संपत्ति डीएम रिलीज करने से इन्कार करते हैं तो उन्हें मामले को अपनी रिपोर्ट के साथ संबंधित कोर्ट में भेजना अनिवार्य है।

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High Court: DM must refer matter to court if refusing to release property attached under the Gangsters Act.
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क संपत्ति डीएम रिलीज करने से इन्कार करते हैं तो उन्हें मामले को अपनी रिपोर्ट के साथ संबंधित कोर्ट में भेजना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर कोर्ट ने डीएम का आदेश रद्द कर मामले को नए सिरे से तय करने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने दिया है। फिरोजाबाद निवासी याची की संपत्तियां गैंगस्टर एक्ट के तहत 22 जुलाई 2025 को कुर्क की गई थीं। याची ने उसे रिलीज करने के लिए आवेदन किया। डीएम ने नौ मार्च 2026 को आवेदन खारिज कर दिया था। आदेश में कहा गया था कि आरोपी सुशील कुमार उर्फ सट्टा के खिलाफ 2011 से 19 मुकदमे दर्ज हैं। अपराध से अर्जित धन से अचल संपत्तियां खरीदी गईं और उनके वैध स्रोत को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 16(1) का उल्लेख करते हुए कहा कि धारा 15 के तहत संपत्ति रिलीज से इन्कार करने पर डीएम को अपनी रिपोर्ट के साथ मामला उस कोर्ट को भेजना होता है, जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध की सुनवाई का अधिकार है। इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
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कोर्ट ने डीएम के आदेश को प्रावधानों के विपरीत मानते हुए निरस्त कर दिया। डीएम को मामला वापस भेज दिया। साथ ही उन्हें कहा कि इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से दो महीने की अवधि के भीतर कानून के अनुसार याचिकाकर्ता की ओर से संपत्ति की रिहाई के लिए दिए गए अभ्यावेदन पर नए सिरे से निर्णय लें। 

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