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दिवंगत दरोगा की विवाहित पुत्री को अनुकंपा नियुक्ति देने का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

Sat, 04 Sep 2021 09:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 04 Sep 2021 09:32 PM IST
सार

सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई ।याची ने  अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए प्रत्यावेदन दिया मगर 17 जून 2021 को उसका प्रत्यावेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि याची विवाहित पुत्री है और अनुकंपा नियुक्ति नियमावली के तहत परिवार की परिभाषा में नहीं आती है।

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High Court directed to give compassionate appointment to married daughter of Inspector
Allahabad High Court

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह दिवंगत सब इंस्पेक्टर की विवाहित पुत्री को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति प्रदान करने पर 2 माह में नियमानुसार निर्णय लें। कानपुर की प्रीति तिवारी की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया । याची की अधिवक्ता अतिप्रिया गौतम का कहना था कि याची के पिता पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर थे तथा आजमगढ़ में तैनात थे।
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सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई ।याची ने  अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए प्रत्यावेदन दिया मगर 17 जून 2021 को उसका प्रत्यावेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि याची विवाहित पुत्री है और अनुकंपा नियुक्ति नियमावली के तहत परिवार की परिभाषा में नहीं आती है। अधिवक्ता की दलील थी की कोर्ट ने विमला श्रीवास्तव केस में यह तय कर दिया है कि विवाहित पुत्री को परिवार की परिभाषा से बाहर रखना भेदभाव पूर्ण है।
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इसलिए विवाहित पुत्री भी अनुकंपा नियुक्ति पाने की हकदार है । इस आदेश को नेहा श्रीवास्तव केस में भी माना गया है तथा इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष अनुमति याचिका खारिज की जा चुकी है। सरकारी वकील का कहना था कि यदि याची पुनः प्रत्यावेदन दे तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने 17 जून 2021 का आदेश रद्द करते हुए निर्देश दिया है कि याची के प्रत्यावेदन पर 2 माह के भीतर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।

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