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जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार
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जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ
कार्रवाई में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार
- एसडीएम के आदेश को अपील में चुनौती देने की छूट
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय रामपुर का गेट गिराए जाने और सवा 3 करोड़ के हर्जाने के एसडीएम के आदेश के खिलाफ याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से याचिका दाखिल कर आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने याची को आदेश के खिलाफ जिला जज के समक्ष अपील दाखिल करने की छूट दी है और याचिका निस्तारित कर दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सफदर काजमी का कहना था कि कुलाधिपति आजम खां के खिलाफ राजनीतिक कारणों से कार्रवाई हो रही है, इसकी वजह से विश्वविद्यालय भी इसकी जद में है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अजित सिंह का कहना था कि सरकारी जमीन और गेस्ट हाउस को विश्वविद्यालय की बाउंड्री में घेर कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। एसडीएम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आदेश पारित किया है। ऐसे आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का नियम है। याचिका पोषणीय नहीं है। जिस पर कोर्ट ने याची की अपील दाखिल करने की छूट देते हुए याचिका निस्तारित कर दी है।
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कार्रवाई में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार
- एसडीएम के आदेश को अपील में चुनौती देने की छूट
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय रामपुर का गेट गिराए जाने और सवा 3 करोड़ के हर्जाने के एसडीएम के आदेश के खिलाफ याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से याचिका दाखिल कर आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने याची को आदेश के खिलाफ जिला जज के समक्ष अपील दाखिल करने की छूट दी है और याचिका निस्तारित कर दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सफदर काजमी का कहना था कि कुलाधिपति आजम खां के खिलाफ राजनीतिक कारणों से कार्रवाई हो रही है, इसकी वजह से विश्वविद्यालय भी इसकी जद में है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अजित सिंह का कहना था कि सरकारी जमीन और गेस्ट हाउस को विश्वविद्यालय की बाउंड्री में घेर कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। एसडीएम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आदेश पारित किया है। ऐसे आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का नियम है। याचिका पोषणीय नहीं है। जिस पर कोर्ट ने याची की अपील दाखिल करने की छूट देते हुए याचिका निस्तारित कर दी है।
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