High Court : हाईकोर्ट ने स्वरूप रानी अस्पताल के डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक का निलंबन किया रद्द
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूप रानी अस्पताल के डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक का निलंबन रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने गौतम कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश प्रतिवादियों को नए आदेश पारित करने से नहीं रोकेगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूप रानी अस्पताल के डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक का निलंबन रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने गौतम कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश प्रतिवादियों को नए आदेश पारित करने से नहीं रोकेगा।
स्वरूप रानी अस्पताल में याची डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। विगत दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान अस्पताल में दुर्व्यवस्थाओं का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक सहित डीएम और अन्य अधिकारियों को तलब किया था। इस दौरान डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक को कोर्ट ने फटकार लगाई थी। इसके कुछ दिनों बाद ही महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उत्तर प्रदेश ने 30 मई 2025 को याची के खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर दिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि निलंबन आदेश उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम का उल्लंघन है। याची की नियुक्ति प्राधिकारी राज्य सरकार है, जबकि निलंबन का आदेश महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उत्तर प्रदेश की ओर से पारित किया गया है। जिनके पास ऐसा आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे में निलंबन का आदेश कानून की नजर में गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादी संख्या दो/महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उत्तर प्रदेश के 30 मई 2025 को पारित निलंबन आदेश को रद्द कर दिया।