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High Court : सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी के मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी, फैसला सुरक्षित
Mon, 22 Sep 2025 01:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 22 Sep 2025 01:37 PM IST
सार
Allahabad High Court : बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के आरोप में दर्ज मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सोमवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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सपा विधायक जाहिद जमाल बेग उनकी पत्नी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग पर दर्ज मुकदमे के मामले में दोनों पक्षों की बहस सोमवार को पूरी हो गई। सीमा बेग के अधिवक्ता ने शुक्रवार को अपना तर्क अदालत के समक्ष रखा था। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने सोमवार को दलील दी। दोनों पक्षोें की बहस सुनने के बाद न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। भदोही में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के आरोप में सीमा बेग पर पर मुकदमा दर्ज कराया है।
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केस रद्द करने की मांग
तस्करी व बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में दर्ज केस रद्द करने की मांग को लेकर भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को सीमा बेग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी व जीशीन अजहर ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि जो लड़की उनके घर से बरामद की गई वो घरेलू नौकरानी की तरह काम करती थी। उसे बदले में उचित पैसा दिया जाता था। वह हर महीने अपने घर अपनी मर्जी से आती-जाती थी। ऐसे में मानव तस्करी का आरोप बिल्कुल गलत है।
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उन्होंने दलील दी कि कानून के अनुसार बंधुआ मजदूर उसे कहते हैं जो व्यक्ति किसी ऋण या किसी सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक बाध्यता के चलते बिना उचित वेतन या बिना स्वतंत्रता के मजबूर होकर लंबे समय तक श्रम करता हो। इस मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है। बताया गया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में बिना ठोस साक्ष्य के फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ने सोमवार को अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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