Prayagraj : माघ मेले में हेलीकॉप्टर और पैरा ग्लाइडिंग से शुरू की जाएगी, कल्पवासियों को मिलेगी विशेष सुविधा
मंडलायुक्त ने बताया कि शुक्रवार को 12 से 15 लाख श्रद्धालु और कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंचे हैं, जो माघी पूर्णिमा तक कल्पवास कर अपने तप और साधना को पूर्ण करेंगे। कल्पवासियों के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत भी मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जो प्रमुख स्नान पर्वों और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। माघ मेले का पहला स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर शनिवार से शुरू होगा।
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संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेले को सजाने के लिए शुक्रवार को लाखों कल्पवासी, श्रद्धालु और साधु-संत संगम तट पहुंच गए। पहले स्नान पर्व से एक दिन पूर्व शुक्रवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मेले की तैयारियों और इस वर्ष किए गए नए प्रयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं और सुचारू यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार माघ मेले में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग सेवा शुरू की जाएगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं में लोकप्रिय कलाकारों को भी मंच पर आमंत्रित किया जाएगा। पौष पूर्णिमा पहला स्नान में , 25- 30 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
मंडलायुक्त ने बताया कि शुक्रवार को 12 से 15 लाख श्रद्धालु और कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंचे हैं, जो माघी पूर्णिमा तक कल्पवास कर अपने तप और साधना को पूर्ण करेंगे। कल्पवासियों के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत भी मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जो प्रमुख स्नान पर्वों और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। माघ मेले का पहला स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर शनिवार से शुरू होगा। अनुमान है कि पहले स्नान पर्व पर 25 से 30 लाख श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इस वर्ष घाटों का दायरा बढ़ाकर करीब 10 हजार फीट किया गया है। पौष पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाला माघ मेला कुल 44 दिनों तक आयोजित होगा।
सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु थाने, चौकियां, जल पुलिस थाने, कंट्रोल रूम और वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी पुलिस टीमों की तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र से लेकर कमिश्नरेट तक यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 10 चक्र की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। यातायात का संचालन इसी योजना के तहत किया जाएगा। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सा, स्वच्छता और सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में चिकित्सा और स्वच्छता के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मोबाइल टॉयलेट, संस्थागत शौचालय, डस्टबिन, लाइनर बैग और पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करेंगी। प्रत्येक सेक्टर में अलाव की व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं के लिए कंबल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी दूर
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि मेला क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर दूरसंचार कंपनियों से समन्वय कर लिया गया है। शुक्रवार रात तक नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या दूर कर ली जाएगी, ताकि डिजिटल सेवाओं के उपयोग में कोई बाधा न आए।
पहली बार कई नई सुविधाएं
प्रशासन ने पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाइक सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे श्रद्धालु संगम के समीप तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा विद्युत पोलों पर लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिससे त्वरित सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
माघ मेले में खास व्यवस्थाएं
- 25 हजार से अधिक चेंजिंग रूम
- 5 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
- मेला क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल
- 15 हजार से अधिक विद्युत पोल पर क्यूआर कोड
- पहली बार 9 पांटून पुलों का निर्माण