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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Gyanvapi survey case: Allahabad High Court issues notice to Muslim side in Vaju Khana survey case

ज्ञानवापी सर्वे मामला : वजूखाने के सर्वेक्षण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को जारी किया नोटिस

Wed, 31 Jan 2024 01:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 31 Jan 2024 01:43 PM IST
सार

ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने के सर्वे के मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि मामला विचारणीय है। इस मामले में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी को नोटिस जारी किया गया है। 

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Gyanvapi survey case: Allahabad High Court issues notice to Muslim side in Vaju Khana survey case
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाना के सर्वेक्षण करने के इन्कार करने के जिला जज के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी की है। कोर्ट ने कहा है कि मामला विचारणीय है। लिहाजा, सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करने के बाद मामले की सुनवाई की अगली तिथि तय कर दी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने हिंदू पक्ष की ओर से राखी सिंह की ओर से दाखिल पुनरीक्षण अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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इसके पहले कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो याची अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट से वजूखाने की सर्वे की मांग की। इस पर कोर्ट ने पूछा कि एएसआई सर्वे तो हो चुका है। उसकी रिपोर्ट आ चुकी है। पूर्व में हुए एएसआई सर्वे और इस पुनर्विचार याचिका के सर्वे में क्या अंतर है।
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वादी अधिवक्ता ने बताया कि वजूखाना प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित है और पूर्व में दाखिल याचिका में प्रतिबंधित क्षेत्र के वजूखाने की सर्वे की मांग नहीं की गई थी। जिला जज के समक्ष वजूखाने के सर्वे की मांग के लिए अर्जी दाखिल की गई थी लेकिन जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश हवाला देते हुए 10 अक्तूबर 2023 को अर्जी खारिज कर दी।
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कोर्ट ने सर्वे के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अर्जी को देखा। इसके बाद मामले को विचारणीय मानते हुए पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान एडीशनल सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह, मनोज कुमार सिंह, सीएचसी कुनाल रवि, हरे राम त्रिपाठी, विनीत संकल्प, विष्णु शंकर जैन आदि पक्ष रखने के लिए मौजूद रहे।

बता दें कि इस मामले को इसके पहले 24 जनवरी को एक दूसरी कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए पेश किया गया था लेकिन पूर्व पीठ ने मामले को दूसरी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेज दिया गया था। उसके बाद इस मामले को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

इसके पहले हिंदू पक्ष की राखी सिंह की ओर से जिला जज के समक्ष दाखिल सिविल वाद में तर्क दिया गया था कि ज्ञानवापी परिसर के धार्मिक चरित्र का पता लगाने के लिए वजूखाना (शिवलिंग को छोड़कर) का सर्वेक्षण आवश्यक है। जिला जज ने हिंदू पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया।

जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 के अपने आदेश के जरिए उस क्षेत्र की विधिवत सुरक्षा करने का आदेश दिया है, जहां कथित शिवलिंग पाए जाने की बात कही गई है। इसीलिए एएसआई को क्षेत्र का सर्वेक्षण करने का निर्देश देना उचित नहीं है, क्योंकि, यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा।

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