गजब: बस्ती में बनाया जा रहा था तमंचा, पुलिस को नहीं थी भनक, सैनी में हत्या का मामला
रामनेवाज का हत्यारोपी राहुल मूलरूप से फतेहपुर जिले के खखरेरू इलाके का रहने वाला था। राहुल जाति का विश्वकर्मा था लेकिन करीब दस साल पहले उसने धुमाई में रहने वाली गैर बिरादरी की युवती से प्रेम विवाह कर लिया।
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सैनी कोतवाली धुमाई गांव में बुधवार शाम रामनेवाज की हत्या करने का आरोपी राहुल फतेहपुर जिले का वांटेड था। उसके खिलाफ फतेहपुर जिले में जानलेवा हमला, अवैध असलहा रखने सहित सात मामले दर्ज हैं। सबसे अहम यह कि वह जिले में करीब 10 साल से रह रहा था, लेकिन पुलिस ने उसकी आपराधिक गतिविधि के बाबत जानकारी की जहमत नहीं उठाई।
रामनेवाज का हत्यारोपी राहुल मूलरूप से फतेहपुर जिले के खखरेरू इलाके का रहने वाला था। राहुल जाति का विश्वकर्मा था लेकिन करीब दस साल पहले उसने धुमाई में रहने वाली गैर बिरादरी की युवती से प्रेम विवाह कर लिया। स्थानीय लोगों की मानें तो बस्ती में राहुल के यहां अक्सर दो या चार पहिया वाहन से लोग अवैध असलहा खरीदने के लिए आते थे। बस्ती में उसका इतना खौफ था कि कोई उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाता था।
करीब चार साल पहले जब फतेहपुर जिले की पुलिस राहुल को घर से अवैध असलहों के जखीरे के साथ ले गई तो लोगों को हकीकत पता चली। जनामत पर छूटने के बाद उसने यहां पर फिर से यहीं धंधा शुरू कर दिया। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो बुधवार रात रामनेवाज की हत्या के बाद राहुल पत्नी को लेकर भाग निकला। पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली तो एक बोरी में भरा बना व अर्द्धनिर्मत तमंचा बरामद हुआ।
इसके अलावा तमंचा बनाने के उपकरण भी बरामद हुए। अब यह सबसे अहम है कि घनी आबादी के बीच एक व्यक्ति तमंचा बनाकर बेचने का काम कर रहा था व पुलिस को भनक कैसे नहीं लगी? इस बाबत थानाध्यक्ष सीबी मौर्या का कहना है आरोपी राहुल के खिलाफ जिले में कोई आपराधिक इतिहास फिलहाल नहीं मिला है। फतेहपुर जिले में उसके खिलाफ करीब छह गंभीर अपराध के मामले दर्ज होने की बात पता चली है।