यूपी : सात हजार असंगठित मजदूरों का बनाया गया गोल्डन कार्ड, मजदूरों को किया जा रहा जागरूक
बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक सीएससी (जन सेवा केन्द्र) व सीएससी (सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) पर जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं श्रमिक इसके लिए राशनकार्ड, श्रमिक पंजीकरण, परिवार के आधार कार्ड, साथ ही उनको अपना मोबाइल लेकर जाना होगा।
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संगम नगरी प्रयागराज में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ( बीओसी) में पंजीकृत श्रमिकों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने पर विभाग फोकस कर रहा है। करीब सात लाख श्रमिक जो (बीओसी) में पंजीकृत है। जिसमें से 3 लाख 23 हजार योग्य परिवार हैं। जिनकों आयुष्मान गोल्डन कार्ड योजना से आच्छादित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा। जिसके तहत अबतक जिले में 7 हजार लोगों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बन चुका है। वहीं अधिकारियों ने 3 लाख 23 हजार योग्य परिवार का आयुष्मान गोल्डन कार्ड इस माह में बनाने का लक्ष्य रखा है।
बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक सीएससी (जन सेवा केन्द्र) व सीएससी (सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) पर जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं श्रमिक इसके लिए राशनकार्ड, श्रमिक पंजीकरण, परिवार के आधार कार्ड, साथ ही उनको अपना मोबाइल लेकर जाना होगा। गांव में श्रमिक अपने रोजगार सेवक से भी सम्पर्क कर सकते हैं। आयुष्मान योजना के तहत प्रत्येक प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष मित्र की तैनाती है।
प्रयागराज में करीब 20 लाख असंगठित मजदूर
प्रयागराज मंडल के उप श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा का कहना है कि प्रयागराज मे करीब 20 लाख असंगठित पंजीकृत श्रमित हैं । हालाकि यह योजना बीओसी बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के लिए हैं।बीओसी बोर्ड में 3 लाख 23 हजार पंजीकृत श्रमिक है, अबतक 7 हजार श्रमिकों का कार्ड बन चुका है जबकि बचे हुए श्रमिकों का कार्ड जल्द से जल्द बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया की विभाग द्वारा समय समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। जिले के अलग-अलग गांव में जाकर विभागीय अधिकारी के द्वारा श्रमिकों को जागरूक भी किया जा रहा है। उप श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा का कहना है कि श्रमिक अब जागरूक हो रहे हैं और बचे हुए लक्ष्य को हम जल्द ही पूरा कर लेंगे।
जिन लोगों का कार्ड बन चुका है उन लाभार्थियों का कहना है कि यह सरकार की अच्छी योजना है। उनके पूरे परिवार को इस योजना से काफी लाभ मिलेगा।लाभार्थी श्रमिक राम पटेल का कहना है कि सरकार द्वारा बने इस कार्ड से उनका पूरा परिवार सुरक्षित हो गया है।कुछ दिन पहले उनकी 10 वर्ष की बेटी एक बीमारी से ग्रसित थी। आयुष्मान भारत कार्ड क जरिए उसकी बेटी का इलाज हो पाया है। ऐसे में सरकार की इस योजना का आभार व्यक्त कर रहे हैं।
क्या है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार गरीब उपेक्षित परिवार और शहरी -ग्रामीण गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है। आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है। आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बन जाने के बाद सभी परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जाएगा। कार्ड धारक देश के किसी भी अस्पताल में अपना और अपने परिवार का फ्री इलाज करा सकते है।