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सस्ती लोकप्रियता में ठूसे जा रहे हैं ‘आइटम सांग’

Sun, 29 Mar 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 29 Mar 2015 12:05 AM IST
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Going into cheap Tuse ' item song '
मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन का कहना है कि सस्ती लोकप्रियता के फेर में ‘आइटम सांग’ ठूसना मुनासिब नहीं है क्योंकि इन्हें परिवार के साथ बैठकर देखना-सुनना संभव नहीं है। मैं न फूहड़ गानों का हिमायती हूं और न ही ऐसे गाने गाता हूं।  मेरी कोशिश रही है कि मेरे गाने लोगों की जुबां पर रहें। यह ठीक है कि संगीत में शोर बढ़ा है, बावजूद इसके मधुर गाने अब भी लोगों की जुबान पर हैं।
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पथरचट्टी रामलीला कमेटी के राम राज्याभिषेक में शामिल होने पहुंचे शंकर ने संगमनगरी की प्रतिभाओं को मौका देने का भरोसा भी दिलाया। कहा, जब भी ऐसा मौका मिलेगा, मैं अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा। वैसे ऐसी प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अपने ही नाम से वेबसाइट बना रखी है जिसका ‘न्यूकमर्स’ फायदा उठा सकते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने कई चर्चित गाने भी सुनाए।
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शंकर ने रियलिटी शो को भी नई प्रतिभाओं के लिए बेहतर मंच बताया। कहा, संभव है कई बार उन्हें अपेक्षित शोहरत न मिले लेकिन उन्हें काम और उनकी कामयाबी में कोई कमी नहीं है। वहीं शंकर ने सेमीफाइनल में भारत की हार पर ‘कोहली-अनुष्का’ टिप्पणियों को गलत बताया। कहा, यह उचित नहीं है। दर्शकों में भी खेल भावना होनी चाहिए। पिछली बार के विश्वकप की तरह अबकी गाना न गाने का अफसोस है।
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