गोहरी कांड : चार मजदूरों का भी होगा डीएनए टेस्ट, सैंपल जांच लिए भेजे गए
फाफामऊ के गोहरी गांव में 25 नवंबर को दलित परिवार के चार लोगों की हत्या की घटना सामने आई थी। एक महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है।
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फाफामऊ में दलित परिवार की हत्या के मामले के खुलासे में सारी कवायद नाकाम होने के बाद पुलिस ने एक बार फिर अपनी नजरें भट्ठे के मजदूरों पर टिका दी हैं। पुलिस ने मृतकों के घर के ठीक पीछे स्थित भट्ठे पर काम करने वाले चार मजदूरों का भी डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत उनके सैंपल भी जांच के लिए भेज दिए गए हैं। उधर जेल भेजे गए तीन आरोपियों में से एक के डीएनए सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। उसका घटनास्थल पर मिले सैंपल से मिलान नहीं हुआ है।
फाफामऊ के गोहरी गांव में 25 नवंबर को दलित परिवार के चार लोगों की हत्या की घटना सामने आई थी। एक महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। मामले में मृतक युवती के प्रेमी समेत तीन युवकों को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन पुलिस उनके खिलाफ ठोस सबूत अब तक नहीं जुटा पाई है। मामले में नामजद कराए गए 10 आरोपियों समेत 15 लोगों का डीएनए टेस्ट कराया जा चुका है, जिनमें से आठ की रिपोर्ट आ चुकी है।
भट्ठे के मजदूरों पर केंद्रित हुई जांच
उनके डीएनए सैंपल का मिलान मौके से लिए गए डीएनए सैंपल से नहीं हो पाया है। खुलासे की तमाम कवायदें फेल होने के बाद पुलिस की जांच एक बार फिर घटनास्थल के ठीक पीछे स्थित भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों पर केंद्रित हो गई है। पुलिस ने इनमें से चार मजदूरों का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा है। उधर मामले में सबसे पहले जेल भेजे गए पड़ोसी युवक के डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आ गई है। सूत्रों का कहना है कि उसकेसैंपल का मिलान घटनास्थल पर मिले सैंपल से नहीं हो सका है। एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
घटना वाली रात 10 थे मौजूद, चार संदिग्ध
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि मृतकों के घर के ठीक पीछे स्थित भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के मजदूर काम करते हैं। इनमें से 10 घटना वाली रात भट्ठे पर बनीं अपनी झोपड़ियों में मौजूद थे। पुलिस ने इनसे पूछताछ की लेकिन इनमें से चार की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। वह बार-बार अपना बयान भी बदल रहे थे। इसके बाद ही उनका डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया।