अवैध खनन पर सख्ती : फर्जी रवन्ना तैयार करने वाले 10 लोगों पर लगा गैंगस्टर
कंप्यूटर से फर्जी रवन्ना बनाने के आरोप में साल भर पहले पुलिस-प्रशासन ने मेजा कस्बे से कई लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से कई कंप्यूटर के अलावा स्कैनर और फर्जी रवन्ने बरामद किए गए थे।
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साल भर पहले मेजा कस्बे में कंप्यूटर से फर्जी रवन्ना तैयार करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मेजा पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। साथ ही पुलिस ने कस्बे से बृहस्पतिवार को तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
कंप्यूटर से फर्जी रवन्ना बनाने के आरोप में साल भर पहले पुलिस-प्रशासन ने मेजा कस्बे से कई लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से कई कंप्यूटर के अलावा स्कैनर और फर्जी रवन्ने बरामद किए गए थे। पकड़े गए आरोपी रवन्ने से सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाते थे। तब आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। अब पुलिस उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
मेजा कस्बे के मुकेश केशरी, विशाल केशरी, अंकित केशरी, मनोज केशरी और सचिन निवासी झलकारी बाई नगर, कबरई, महोबा, जीवन लाल सिंह निवासी मनकबार घूरपुर, शिवांशु रस्तोगी निवासी कोतवाली अयोध्या, मदन सिंह निवासी नीबी हनुमानगंज लोहगरा, जगदीश सिंह निवासी घूरपुर, अखिलेश प्रताप सिंह निवासी बोगी घूरपुर शामिल हैं। मेजा थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी आरोपी आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए कूटरचित ऑनलाइन रवन्ने बनाकर बेचते थे। इस कारण सरकार को लाखों रुपये खनन के राजस्व का नुकसान हुआ था।
इस कारण आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इधर, मामले के विवेचक थानाध्यक्ष खीरी अनिल वर्मा ने बताया कि तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि मेजा के भटौती पहाड़ी पर दो दर्जन से अधिक क्रसर प्लांट स्थापित हैं। इसलिए इस अवैध खनन का धंधा फल फूल रहा है। पुलिस के मुताबिक भटौती के आसपास चौराहों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है कि कहीं ऑनलाइन फर्जी रवन्ना तो नहीं बनाया जा रहा है।