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गैंगरेप में तीन को दस-दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 25 Jul 2015 01:59 AM IST
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इलाहाबाद। मां के सामने मासूम को खींच कर गैंगरेप करने का आरोप साबित होने पर न्यायालय ने तीन अभियुक्तों संजू निषाद, अजय निषाद, और कमलेश निषाद को दस-दस साल की कैद 10-10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा का आदेश फास्ट ट्रैक कोर्ट जज ए के रवि ने एडीजीसी ने सुनाया। एडीजीसी प्रदीप श्रीवास्तव और गुलाब चन्द्र अग्रहरि ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए।
अभियोजन के अनुसार करेली थाने में 13 मई को सुबह पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उस दिन भोर में वह अपनी 12 वर्षीय पुत्री को शौच के लिए मैदान की ओर ले गई थी। वहां बिजली के खंभे के पास ेतीन युवक पहले से खड़े थे। उन तीनों ने उसकी पुत्री को जबरदस्ती घसीट लिया। मां मदद के लिए चिल्लाती रही मगर कोई भी उसकी मदद के लिए घर से बाहर नहीं निकला। अभियुक्तों ने उसको शोर करने पर जान से मार देने की धमकी और पीड़िता को घसीटकर बालू के ढेर के पास ले गए। तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
उनके चंगुल से छूटने के बाद मां-बेटी ने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पीड़िता और उसकी मां ने उनकी शिनाख्त भी की। अभियोजन की ओर से पांच गवाह परीक्षित कराए गए। मेडिकल जांच से रेप की पुष्टि हुई। कोर्ट ने तीनों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़िता को नियमानुसार मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार करेली थाने में 13 मई को सुबह पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उस दिन भोर में वह अपनी 12 वर्षीय पुत्री को शौच के लिए मैदान की ओर ले गई थी। वहां बिजली के खंभे के पास ेतीन युवक पहले से खड़े थे। उन तीनों ने उसकी पुत्री को जबरदस्ती घसीट लिया। मां मदद के लिए चिल्लाती रही मगर कोई भी उसकी मदद के लिए घर से बाहर नहीं निकला। अभियुक्तों ने उसको शोर करने पर जान से मार देने की धमकी और पीड़िता को घसीटकर बालू के ढेर के पास ले गए। तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
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उनके चंगुल से छूटने के बाद मां-बेटी ने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पीड़िता और उसकी मां ने उनकी शिनाख्त भी की। अभियोजन की ओर से पांच गवाह परीक्षित कराए गए। मेडिकल जांच से रेप की पुष्टि हुई। कोर्ट ने तीनों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़िता को नियमानुसार मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
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