विकराल हुईं गंगा-यमुना, लेटे हनुमान मंदिर में घुसा बाढ़ का पानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के बक्शी बांध, मोरी गेट, ममफोर्डगंज, चाचर नाला, गऊघाट(ईसीसी के पीछे अस्थायी पंपिंग स्टेशन), यमुना बैंक रोड पर गेट नंबर नौ और 13 पर लगे पंप रविवार को चलवाकर जांचे गए। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ड्यूटी पर मुस्तैद रहें। जलस्तर बढ़ने संबंधी जानकारी हर घंटे देने को कहा गया है।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने नगर आयुक्त और जलकल महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि स्लूज गेट बंद होने की दशा में बारिश हो तो जलभराव न हो, इसके इंतजाम किए जाएं। सभी प्रमुख पंपिंग स्टेशनों पर डीजल की उपलब्धता बनी रही। वहीं चाचर नाला और मोरी गेट पर लगे जल निगम के पंपों के बारे में मुख्य अभियंता से वार्ता कर पत्र जारी किया गया है।
कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा तो प्रभावित लोगों को नगर निगम के रैन बसेरों में रखा जाएगा। सभी रैनबसेरों में बिस्तर आदि की व्यवस्था की गई है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पर्यावरण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि रैनबसेरों में बाढ़ पीड़ितों को भोजन और शुद्ध पेयजल भी मुहैया कराया जाए। रैन बसेरों में भी निगम कर्मियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है।
प्रयागराज। गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि से कछारी इलाकों में बाढ़ प्रभावितों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 95 टीमें गठित की हैं। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए प्रत्येक टीम में डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल किए गए हैं। 14 टीमें शहरी इलाकों में काम करेंगी।
शहर के राजापुर, गंगानगर, बेली, रसूलाबाद, शिवकुटी. सलोरी, करेलाबाग समेत दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में बाढ़ से राहत के लिए तैयारी की गई है। शहरी क्षेत्र में लगाई गई 14 मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टरों और स्टाफ की 24 घंटे पालीवार ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में टीमों को निर्देशित करने के लिए सीएचसी-पीएचसी के चिकित्साधिकारियों को केंद्र पर ही कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलक्ट्रेट में स्थापित कं ट्रोल रूम में तीन मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। दवाओं और लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के साथ ये टीमें आपात स्थिति में मौके पर रवाना की जाएंगी।
बाढ़ राहत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की किट बनवाई हैं। इनमें दर्द और बुखार के साथ एंटी फंगल क्रीम भी रखी गई है। पानी साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां और एंटी डायरिया डोज, ओआरए घोल के पैकेट भी होंगे। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि तैयारियां पूरी हैं।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए शनिवार की तरह रविवार को भी जिला प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में मुनादी करवाई गई। इस दौरान लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। जिले की तीन तहसील सदर, फूलपुर और सोरांव में बाढ़ का ज्यादा खतरा है। जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम से बाढ़ से बचाव की सारी तैयारियां करने का निर्देश दिया है। एडीएम आपदा प्रबंधन एमपी सिंह ने भी तमाम बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर वहां खाने पीने का उचित प्रबंध और चिकित्सकों की तैनाती की बात कही। शहर में 29 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। सभी चौकियों पर अफसरों एवं कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई है।
ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी विवेकानंद जूनियर हाईस्कूल अशोक नगर, कैंट हाईस्कूल सदर बाजार, प्राथमिक विद्यालय राजापुर म्योर रोड, महबूब अली हायर सेकेंडरी स्कूल स्टैनली रोड, उमराव सिंह हायर सेकेंडरी स्कूल मम्फोर्डगंज, प्राथमिक विद्यालय नयापुरवा, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी तेलियरगंज, गोविंदपुर कालोनी, ईश्वर शरण इंटर कालेज चांदपुर सलोरी, एनी बेसेंट स्कूल बघाड़ा, राधा रमण इंटर कालेज दारागंज, प्राथमिक पाठशाला फतेहपुरघाट, बमरौली जूनियर हाईस्कूल, पुलिया टेढ़ी जूनियर हाईस्कूल उमरपुर नींवा, मार्डन घोष इंटर कालेज कटघर, जमुना क्रिश्चियन इंटर कालेज कटघर, सीएवी इंटर कालेज मीरापुर, एमएल कान्वेंट स्कूल करैलाबाग, चेतना गर्ल्स इंटर कालेज गौसनगर, करामत की चौकी करेली, प्राथमिक विद्यालय बिसौना, प्राथमिक पाठशाला करैंहदा, प्राथमिक पाठशाला असरावे कला, प्राथमिक विद्यालय सैदपुर, प्राथमिक विद्यालय मैनापुर, प्राथमिक विद्यालय जलालपुर धौंसी में बनाए गए हैं।
