Chhath Puja 2022 : कीचड़ से पटे गंगा-यमुना के घाटों पर सूर्योपासना की तैयारी, संगम पर उमड़ेगी भारी भीड़
लोक आस्था के ऊंचे मानकों पर स्थापित डाला षष्ठी व्रत के लिए इस बार भी संगम पर भीड़ उमड़ेगी, लेकिन गंगा में जलस्तर अधिक होने की वजह से घाटों पर दलदल बना हुआ है। अभी तक विद्युतीकरण का भी काम नहीं हो सका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कीचड़ से पटे घाटों पर वेदियां बनाने और सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए जगह पक्की करने के साथ ही डाला षष्ठी व्रत की तैयारियां बुधवार को पूरी कर ली गईं। संगम समेत गंगा-यमुना के तटों पर रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इससे पहले संगम पर सविधि पूजन-अर्चन के साथ निर्विघ्न षष्ठी पूजन के लिए मां गंगा से आशीष मांगा गया।
लोक आस्था के ऊंचे मानकों पर स्थापित डाला षष्ठी व्रत के लिए इस बार भी संगम पर भीड़ उमड़ेगी, लेकिन गंगा में जलस्तर अधिक होने की वजह से घाटों पर दलदल बना हुआ है। अभी तक विद्युतीकरण का भी काम नहीं हो सका है। ऐसे में चुनौतियां बढ़ गई हैं। उधर, पूर्वांचल छठ पूजा एवं विकास समिति के अध्यक्ष अजय राय ने वैदिक मंत्रों के साथ संगम तट पर कैंप कार्यालय की भूमि का पूजन किया।