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पीएफः तीन लाख से अधिक का भविष्य अंधेरे में, कई कंपनियां नहीं जमा कर रही हैं अपना हिस्सा

Wed, 12 Feb 2020 11:09 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अविनाशी श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रयागराज
अविनाशी श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Wed, 12 Feb 2020 11:09 AM IST
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Future of three lakh employees in crisis
money

निजी कंपनियों में नौकरी जाने के खतरे के बीच कर्मचारियों के पीएफ को लेकर हो रहे गोलमाल से उनका भविष्य संकट में है। विभाग के जानकारों के मुताबिक ईपीएफओ प्रयागराज जोन के अंतर्गत छह लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जो पीएफ के लिए पात्र हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जो पंजीकृत ही नहीं हैं। अब ऐसे कर्मचारियों को ईपीएफओ के दायरे में लाने की कवायद शुरू हो गई है।

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) प्रयागराज जोन के अंतर्गत प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, सुल्तानपुर, अमेठी और फैजाबाद में कराए गए एक सर्वे के अनुसार छह जिलों में छह लाख से अधिक कर्मचारियों को विभाग की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके विपरीत ईपीएफओ के प्रयागराज जोन के अंतर्गत मात्र दो लाख 81 हजार कर्मचारी ही पंजीकृत हैं। यहां गौर करने वाली बात ये है कि निर्माण फर्मों, ठेकेदारों के अलावा उद्योग से जुड़ी कंपनियां भी हैं, जिन्होंने ईपीएफओ में अब तक पंजीकरण नहीं कराया है तथा कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं कर रही हैं।

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हजारों स्कूल, अस्पताल भी नहीं जमा करते पीएफ
प्रयागराज। जोन के छह जिलों में 5000 से ज्यादा निजी संस्थान हैं, जिन्होंने ईपीएफओ में पंजीकरण ही नहीं कराया है। ऐसे में यहां के लाखों कर्मचारी पात्र होने के बावजूद ईपीएफओ की सुविधाओं से दूर हैं। जोन के अंतर्गत उच्च शिक्षा के 500 से अधिक निजी संस्थान और लगभग 4000 वित्तविहीन माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय हैं, जो पंजीकृत नहीं हैं। कई सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां वित्तविहीन पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं और इनमें नियुक्त शिक्षकों का भी पीएफ नहीं जमा किया जाता।

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How to check pf balance
अस्पतालों की बात करें तो छह जिलों में गिनती के ही अस्पताल हैं, जिन्होंने ईपीएफओ में पंजीकरण कराया है और स्टाफ का पीएफ जमा करते हैं। सर्वे रिपोर्ट की मानें तो कई निजी मेडिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी कर्मचारियों के भविष्य से खेल रहे हैं। वहां तैनात स्टाफ का पीएफ जमा नहीं किया जाता। जबकि, नियम के मुताबिक यदि किसी संस्थान में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, तो वह ईपीएफओ के दायरे में आ जाता है। हालांकि, ईपीएफओ प्रयागराज जोन कार्यालय की ओर से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मेडिकल इंस्टीट्यूट को दायरे में लाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। साथ ही सूची भी तैयार की जा रही है।
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