Prayagraj : जिस जालसाज को एडीजी ने भेजवाया जेल, उसे थाना पुलिस ने बताया था पाक-साफ
मऊआइमा के कजियाना कला निवासी इस आरोपी आमिर महमूद को चार दिन पहले एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के आदेश पर पकड़ा गया था। जिसे बाद में धोखाधड़ी, कूटरचना व रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजा गया था।
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मऊआइमा पुलिस का खेल देखिए। एडीजी जोन प्रयागराज ने फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के जिस आरोपी को अपने कार्यालय परिसर से पकड़वा लिया, उसे थाने की पुलिस पिछले नौ महीनों से पाक-साफ बता रही थी। जनवरी में ही पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उसकी शोहरत सामान्य बता दी थी। मऊआइमा के कजियाना कला निवासी इस आरोपी आमिर महमूद को चार दिन पहले एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के आदेश पर पकड़ा गया था। जिसे बाद में धोखाधड़ी, कूटरचना व रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजा गया था। आरोप है कि उसने पुलिस से सांठगांठ कर दर्जनों लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए।
पुख्ता सूत्रों का कहना है कि आमिर के खिलाफ पिछले कई महीनों से भुक्तभोगी शिकायत लेकर भटक रहे थे। जनवरी में भी एक शिकायत एसएसपी कार्यालय में की गई थी।शिकायती पत्र के संबंध में जब एसएसपी कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई तो मऊआइमा पुलिस ने उस पर लगे आरोपों को असत्य बता दिया था। यह शिकायत उसी मदरसा शिक्षक मो. उमर ने की थी, जिसकी तहरीर पर चार दिन पहले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उमर ने तब भी उस पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। थाने की पुलिस ने इस शिकायती पत्र के संबंध में जो आख्या दी थी, उसमें आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को असत्य व निराधार बताया था।
यहां तक कि रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि आरोपी की आम शोहरत सामान्य है। जांच कर थाने के एक दरोगा ने इस रिपोर्ट को तैयार किया, जिसे इंस्पेक्टर व सीओ ने अग्रसारित किया था। सवाल यह है कि आखिर किन तथ्यों के आधार पर मऊआइमा पुलिस की ओर से यह रिपोर्ट तैयार की गई। जांच का विषय है कि किन परिस्थितियों में आरोपी को पाक-साफ बताया गया।
प्रकरण मेरी भी संज्ञान में आया है। इसकी जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। जो भी संलिप्त होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमप्रकाश, एडीजी प्रयागराज जोन
एडीजी कार्यालय से लिया गया था हिरासत में
मऊआइमा के उमर, रिजवान अहमद, रईस ने एडीजी जोन कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि आमिर महमूद का एक गैंग है। यह लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करता है। इसमें पुलिसकर्मियों की भी मिलीभगत है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीजी जोन ने चार अक्तूबर को दोनों पक्षों को कार्यालय में बुलवाया। फिर रिपोर्ट के आधार पर मऊआइमा पुलिस को बुलवाकर अमिर महमूद को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी थी जिस पर रंगदारी मांगने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
वादी बनकर दर्ज कराए 10 मुकदमे
आरोपी के बारे में पता चला है कि उसने वादी बनकर कुल 10 मुकदमे अलग-अलग लोगों पर दर्ज कराए। इनमें से नौ मुकदमे मऊआइमा जबकि एक मुकदमा नगर कोतवाली में लिखाया। सूत्रों का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मियों से सांठगांठ के चलते ही वह 2017 से लगातार एक के बाद एक मुकदमे दर्ज कराता आ रहा था। जबकि वह खुद दुष्कर्म के मामले में जेल भी जा चुका है।
15 आरोपियों का चार दिन बाद भी सुराग नहीं
इस मामले में आमिर के साथ ही कुल 16 लोग नामजद किए गए हैं। हालांकि चार दिन बाद भी पुलिस 15 अन्य आरोपियों का मऊआइमा पुलिस सुराग नहीं हासिल कर सकी है। इसमें उसके दो भाई व एक बहन भी शामिल हैं। आरोप है कि यह सभी आमिर की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों में गवाह हैं।