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High Court : शादी डॉट कॉम के सीईओ अनुपम मित्तल हाईकोर्ट से राहत, कोर्ट ने धोखाधड़ी का मुकदमा किया रद्द
Sun, 28 Sep 2025 03:19 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:19 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी डॉट कॉम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुपम मित्तल के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की खंडपीठ ने दिया है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी डॉट कॉम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुपम मित्तल के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की खंडपीठ ने दिया है।
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आगरा के न्यू आगरा थाने में 30 जनवरी 2022 को एक वकील ने उन पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसने शादी डॉट कॉम की सदस्यता ली थी और इसके लिए भुगतान भी किया था। उक्त प्लेटफॉर्म पर कुछ सत्यापित प्रोफाइल वाले लोग अश्लीलता के कार्य में शामिल थे। शादी डॉट कॉम पर रजिस्टर्ड एक महिला पर अश्लील वीडियो बनाने और उसे ब्लैकमेल करने, 5100 रुपये की जबरन वसूली करने का आरोप लगाया। इसकी शिकायत सीईओ से की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी देने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी ने इसे हाईकोर्ट चुनौती दी।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि सभी आरोप मनगढ़ंत हैं। इसके कोई भी पुख्ता साक्ष्य नहीं हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि शादी डॉट कॉम एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है। प्लेटफॉर्म पर मौजूद तीसरे पक्ष के कृत्यों के लिए उसे उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने जबरन वसूली की मांग पर कोई संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति नहीं दी। इसलिए जबरन वसूली के तहत कोई अपराध नहीं बनता है। साथ ही याचिकाकर्ता की ओर से धोखाधड़ी का कोई इरादा नहीं पाए जाने के कारण धोखाधड़ी के तहत भी कोई मामला नहीं बनता।
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