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Prayagra : इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण में प्रभावित होंगे चार हजार किसान, जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

Mon, 06 Sep 2021 09:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Sep 2021 09:05 PM IST
सार

शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। इसके बाद मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।

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Four thousand farmers will be affected in the first phase of inner Ring road project in prayagraj and land acquisition will start soon
इनर रिंग रोड का नक्शा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के विकास की अबतक की सबसे बड़ी महात्वाकांक्षी इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए 192 हेक्टयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। रीवा रोड से सहसों के बीच 45 गांवों से होकर गुजरने वाली इस इनर रिंग रोड से चार हजार किसान प्रभावित होंगे। लवायन कला के पास गंगा पर तीन किमी लंबे पुल का निर्माण कराया जाएगा।

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शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। इसके बाद मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। कानपुर से वाराणसी जाने वाले राजमार्ग पर इनररिंग रोड का प्रथम चरण में निर्माण कुंभ-2025 को देखते हुए अभी सिर्फ 28 किमी कराया जाएगा। इसके लिए रीवा रोड पर पालपुर गांव से इस इनर रिंग रोड की शुरुआत होगी। इसके बाद जीटी रोड पर महुआरी, लवाइन कला होते हुए अंदावा के रास्ते इस रिंग रोड को आगे ले जाकर सहसों में फिर एनएच-2 से मिला दिया जाएगा।

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हालांकि दो चरणों में बनने वाली करीब 68 किलोमीटर लंबी यह इनर रिंग रोड छह तहसीलों के 155 गांवों से होकर गुजरेगी। इनमें सदर के साथ सोरांव, करछना, फूलपुर, बारा व हंडिया तहसील के गांव होंगे। लेकिन, प्रथम चरण में सिर्फ 45 गांव प्रभावित होंगे। इनर रिंग रोड के बन जाने से कानपुर से मध्य प्रदेश जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना होगा। वहीं, एमपी से कानपुर या वाराणसी जाने वालों को भी इससे काफी राहत मिलेगी। बिना शहर में प्रवेश किए इनर रिंग रोड के रास्ते ही इन रूटों के वाहन निकल जाएंगे। इससे शहर के लोगों को जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा कई जगह संपर्क मार्ग बनने से जिले के ग्रामीणांचल इलाकों के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।

गंगा पर लवायन कला के पास बनेगा सबसे लंबा पुल
68 किमी की रिंग रोड के बीच में तीन पुल बनेंगे। इसमें दो गंगा पर व एक यमुना पर बनाए जाएंगे। गंगा पर लवायन कला के पास तीन किमी लंबा पुल बनाया जाएगा। इसी तरह खुरेसर कछार में भी गंगा पर एक किमी लंबा पुल बनेगा। इसके अलावा यमुना नदी पर बसवार के पास एक किमी लंबा पुल बनाने का प्रस्ताव है।

इनररिंग रोड के निर्माण के लिए प्रथम चरण में चार हजार से अधिक किसान प्रभावित होंगे। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया गया है। चिह्नित किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा। -अश्विनी राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
  • 4000 किसान प्रथम चरण में इनर रिंग रोड परियोजना से होंगे प्रभावित
  • 3,168 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण में बनेगी इनर रिंग रोड, इसमें मुआवजे की भी धनराशि है शामिल।
  • 192 हेक्टेयर भूमि का किया इनर रिंग रोड के लिए जाएगा अधिग्रहण 
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