{"_id":"5dcb086c8ebc3e5b1f4be514","slug":"former-mla-ajay-rai-acquitted-in-murderous-attack-allahabad-news-ald260000449","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में पूर्व विधायक बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा हमले में पूर्व विधायक बरी
विज्ञापन
जानलेवा हमले में पूर्व विधायक अजय राय बरी
बयान से पलटने पर वादी को नोटिस जारी
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने वाराणसी के कोल असला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय व अन्य को 2011 में हुए कातिलाना हमले के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश स्पेशलकोर्ट जज डॉ बालमुकुंद ने अभियोजन अधिकारी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलपी द्विवेदी को सुनकर दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध पत्रावली में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला जिससे अजय राय व अन्य आरोपित को दोषी ठहराया जा सके।
घटना मिर्जापुर के चुनार थाने की है। वादी करण सिंह ने 15 जुलाई 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह चंदू सिंह व प्रभात सिंह के साथ अपनी दुकान पर बैठा था। इसके बाद सभी लोग प्रभात सिंह के ईट भट्ठे पर जाने के लिए जैसे ही चले तभी अजय राय का काफिला आ गया। वह लोग काफिले के सामने आ गए। इससे नाराज विधायक के समर्थकों ने उन लोगों को पीटना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकी दी। बाजार में लोगों के विरोध पर सभी भागने लगे। एक व्यक्ति फायरिंग कर रहा था उसका कार्ड गिर गया जिस पर अजय सिंह लिखा हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया और अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही प्रस्तुत की गई। वादी सहित सभी गवाह अपने बयान से मुकर गए।
वादी को कोर्ट ने जारी की नोटिस
अदालत ने मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी करन सिंह को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा है। करन सिंह अपने पूर्व में दिए बयान से मुकर गया। कोर्ट ने पूछा है कि उसने झूठा बयान क्यों दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बयान से पलटने पर वादी को नोटिस जारी
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने वाराणसी के कोल असला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय व अन्य को 2011 में हुए कातिलाना हमले के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश स्पेशलकोर्ट जज डॉ बालमुकुंद ने अभियोजन अधिकारी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलपी द्विवेदी को सुनकर दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध पत्रावली में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला जिससे अजय राय व अन्य आरोपित को दोषी ठहराया जा सके।
घटना मिर्जापुर के चुनार थाने की है। वादी करण सिंह ने 15 जुलाई 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह चंदू सिंह व प्रभात सिंह के साथ अपनी दुकान पर बैठा था। इसके बाद सभी लोग प्रभात सिंह के ईट भट्ठे पर जाने के लिए जैसे ही चले तभी अजय राय का काफिला आ गया। वह लोग काफिले के सामने आ गए। इससे नाराज विधायक के समर्थकों ने उन लोगों को पीटना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकी दी। बाजार में लोगों के विरोध पर सभी भागने लगे। एक व्यक्ति फायरिंग कर रहा था उसका कार्ड गिर गया जिस पर अजय सिंह लिखा हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया और अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही प्रस्तुत की गई। वादी सहित सभी गवाह अपने बयान से मुकर गए।
विज्ञापन
वादी को कोर्ट ने जारी की नोटिस
अदालत ने मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी करन सिंह को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा है। करन सिंह अपने पूर्व में दिए बयान से मुकर गया। कोर्ट ने पूछा है कि उसने झूठा बयान क्यों दिया है।
विज्ञापन