Prayagraj:कोल्ड स्टोर हादसे में बढ़ सकती हैं पूर्व मंत्री अंसार अहमद की मुश्किलें, जोड़ी जा सकती हैं नई धाराएं
कोल्ड स्टोर हादसे में पूर्व मंत्री व सपा नेता अंसारी अहमद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अलग-अलग विभागों की जांच में कई जगह नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। ऐसे में पूर्व मंत्री के खिलाफ दर्ज एफआईआर में नई धाराओं को शामिल किया जा सकता है।
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कोल्ड स्टोर हादसे में पूर्व मंत्री व सपा नेता अंसारी अहमद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अलग-अलग विभागों की जांच में कई जगह नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। ऐसे में पूर्व मंत्री के खिलाफ दर्ज एफआईआर में नई धाराओं को शामिल किया जा सकता है। बुधवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस हादसे से जुड़े कई बिंदुओं पर चर्चा की गई।
फाफामऊ के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर आदर्श कोल्ड स्टोरेज का एक हिस्सा ढह जाने से चार मजदूरों की मौत हो गई थी और 18 लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद उप निदेशक कारखाना, उद्यान विभाग, पीडब्ल्यूडी, अग्निशमन विभाग, यूपीसीडा और पीडीए से इसकी जांच कराई गई। जांच के दौरान विभागों से मिली रिपोर्ट के अनुसार कोल्ड स्टोर के निर्माण में कई जगह नियमों का उल्लंघन पाया गया।
पीडब्ल्यूडी ने रिपोर्ट दी थी कि पिलर पहले से ही काफी कमजोर थे और सीलन के कारण अंदर लगी सरिया पर भी जंग (रस्ट) लग चुकी थी। छत पर लगे स्टील बार को ठीक से कवर नहीं किया गया, जिससे छत काफी कमजोर हो चुकी थी। रिपोर्ट में साफ तौर पर उल्लेख किया गया था कि भवन निर्माण में तकनीकी सावधानी नहीं बरती गई और भवन का अनुरक्षण भी नियमित रूप से नहीं किया गया।
वहीं, उप निदेशक कारखाना ने रिपोर्ट दी थी कि कोल्ड स्टोर को कारखाना परिसर एवं भवन काे कारखाने के रूप में उपयोग करने से पूर्व परिसर एवं भवन का नक्शा और स्थायित्व का प्रमाणपत्र तैयार कराकर नक्शे का सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन नहीं कराया गया। नियमानुसार शुल्क जमा कर कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकरण कराकर लाइसेंस भी प्राप्त नहीं किया गया।
उद्यान विभाग ने रिपोर्ट दी थी कि तीन साल से कोल्ड स्टोर का फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। यूपीसीडी और अग्निशमन विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर बात की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अभी पीडीए की रिपोर्ट का इंतजार है। सभी विभागों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।