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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   For children suffering from sexual guilt is not in UP Fund

यौन अपराध से पीड़ित बच्चों के लिए यूपी में नहीं है फंड

Sat, 14 Feb 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 14 Feb 2015 11:47 PM IST
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 यूपी में दुराचार या यौन शोषण से पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। उनको मुआवजा देने हेतु सरकार ने कोई फंड नहीं बनाया है। यह मामला हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका के माध्यम से उठाया गया है। बच्चों और महिलाओं के लिए काम करने वाली स्वयं सेवी संस्था गुड़िया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से इस बाबत जानकारी तलब की है।
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याची का कहा है कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पोक्सो) की धारा 7 (4) में व्यवस्था की गई है कि यौन अपराध का शिकार हुए बच्चों को के पुनर्वास, उनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए एक फंड स्थापित करने की व्यवस्था है। मुआवजे की व्यवस्था भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357 ए के तहत की जाती है। पोक्सो एक्ट वर्ष 2012 में लागू किया गया मगर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार ने पीड़ितोें के लिए फंड गठित नहीं किया है। खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल कर बताने को कहा है कि इस दिशा में उसने क्या कदम उठाए हैं। 
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