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गंगा-यमुना में बढ़ाव, बेतवा उफान पर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:09 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कुछ घंटे के लिए स्थिर हुई गंगा में फिर बढ़ाव शुरू हो गया है। गंगा-यमुना काजलस्तर बढ़ने से रविवार को रामघाट, अक्षयवट मार्ग और अपर संगम मार्ग जलमग्न हो गए। चकर्ड प्लेटें हटाने के साथ ही संगम क्षेत्र में बिजली विभाग ने तार-खंभों से समेटना शुरू कर दिया। उधर, हमीरपुर में बेतवा में उफान आने से निचले इलाकों में कभी भी जल स्तर में तेजी आने की आशंका है। इस बीच जिलाधिकारी कार्यालय ने फिलहाल तटवर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी है। डीएम के मुताबिक बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थिति से निबटा जा सके।
शनिवार की शाम स्थिर हुई गंगा में रविवार की सुबह दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से फिर बढ़ाव शुरू हो गया। जबकि, यमुना तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और नरोरा डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा -यमुना के जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार को अपर संगम मार्ग पर गंगा की लहरें मचलने लगीं। रामघाट पर भी पानी आ गया। इससे कुंभ के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की ओर से चकर्ड प्लेटें और तार-खंभे हटाए जा रहे हैं। रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.430 मीटर और छतनाग में 77.270 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 78. 080 मीटर रिकार्ड किया गया। गंगा -यमुना में खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फिलहाल अभी खतरे के निशान से दोनों नदियां छह से सात मीटर नीचे बह रही हैं।
गंगा-यमुना के जल स्तर में बढ़ाव के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिले के तटवर्ती इलाकों में पीएसी, एनडीआरएफ को सतर्क कर दिया गया है। जिले में 99 बाढ़ चौकियां स्थापित कर एसडीएम, तहसीलदारों को लगातार अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से रविवार की शाम बाढ़ की स्थिति पर बुलेटिन जारी किया गया। डीएम की ओर से कहा गया है कि पीएसी, जल पुलिस और एनडीआरएफ के अलावा बाढ़ से निबटने के लिए सेना और वायु सेना भी उपलब्ध है। स्थिति की रिपोर्ट लगातार शासन को भी भेजी जा रही है।
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शनिवार की शाम स्थिर हुई गंगा में रविवार की सुबह दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से फिर बढ़ाव शुरू हो गया। जबकि, यमुना तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और नरोरा डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा -यमुना के जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार को अपर संगम मार्ग पर गंगा की लहरें मचलने लगीं। रामघाट पर भी पानी आ गया। इससे कुंभ के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की ओर से चकर्ड प्लेटें और तार-खंभे हटाए जा रहे हैं। रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.430 मीटर और छतनाग में 77.270 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 78. 080 मीटर रिकार्ड किया गया। गंगा -यमुना में खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फिलहाल अभी खतरे के निशान से दोनों नदियां छह से सात मीटर नीचे बह रही हैं।
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गंगा-यमुना के जल स्तर में बढ़ाव के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिले के तटवर्ती इलाकों में पीएसी, एनडीआरएफ को सतर्क कर दिया गया है। जिले में 99 बाढ़ चौकियां स्थापित कर एसडीएम, तहसीलदारों को लगातार अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से रविवार की शाम बाढ़ की स्थिति पर बुलेटिन जारी किया गया। डीएम की ओर से कहा गया है कि पीएसी, जल पुलिस और एनडीआरएफ के अलावा बाढ़ से निबटने के लिए सेना और वायु सेना भी उपलब्ध है। स्थिति की रिपोर्ट लगातार शासन को भी भेजी जा रही है।
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