{"_id":"660fe115591b78ef5f0053e3","slug":"fixed-maintenance-allowance-is-not-more-than-pension-revision-petition-rejected-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट : पेंशन की तुलना में अधिक नहीं है निर्धारित भरण-पोषण भत्ता, पुनरीक्षण याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट : पेंशन की तुलना में अधिक नहीं है निर्धारित भरण-पोषण भत्ता, पुनरीक्षण याचिका खारिज
Fri, 05 Apr 2024 05:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2024 05:01 PM IST
सार
इलाहाबाद निवासी माताफेर की पत्नी ने भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने बाद सात दिसंबर 2022 को सात हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके विपरीत माताफेर ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण का वाद दायर किया।
विज्ञापन
अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, पेंशन की तुलना में ट्रायल कोर्ट की ओर से निर्धारित सात हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता अधिक नहीं है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को संज्ञान में लिया, जिसमें पति की आय का 25 प्रतिशत हिस्सा भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। यह फैसला न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह-प्रथम की कोर्ट ने सुनाया।
विज्ञापन
मामले में इलाहाबाद निवासी माताफेर की पत्नी ने भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने बाद सात दिसंबर 2022 को सात हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके विपरीत माताफेर ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण का वाद दायर किया। हाईकोर्ट ने पाया कि माताफेर की पेंशन 34,656 हजार रुपये है। इस आधार पर सात हजार भरण-पोषण भत्ता अधिक नहीं है। कोर्ट ने आपराधिक पुनरीक्षण खारिज कर दी।
विज्ञापन