Prayagraj : 10 लाख रंगदारी मांगने में अतीक के शूटर तोता समेत पांच नामजद, धूमनगंज में लिखा गया केस
चकिया, कसारी मसारी निवासी परवेज ने पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल को वह अपनी बहन के घर गया था। रात आठ बजे आते वक्त रास्ते में अकरम, अपने भाई आजम, असलम निवासी अहमदपुर असरौली हालपता चकिया कसारी मसारी व फैजान ने उसे रोककर गालीगलौज शुरू कर दी।
विस्तार
अतीक अहमद के शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता समेत पांच पर धूमनगंज थाने में 10 लाख रंगदारी मांगने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रॉपर्टी डीलर मो. परवेज का आरोप है कि तोता का नाम लेकर चार गुर्गों ने उससे रंगदारी मांगी। डरा धमकाकर 50 हजार रुपये भी ले लिए।
चकिया, कसारी मसारी निवासी परवेज ने पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल को वह अपनी बहन के घर गया था। रात आठ बजे आते वक्त रास्ते में अकरम, अपने भाई आजम, असलम निवासी अहमदपुर असरौली हालपता चकिया कसारी मसारी व फैजान ने उसे रोककर गालीगलौज शुरू कर दी। अकरम व फैजान ने कहा कि तुम्हें यहां रहना है तो 10 लाख रुपये का इंतजाम करो।
इसके बाद फैजान ने असलहा निकालकर सटा दिया। दहशत के चलते उसने जेब में रखे 50 हजार रुपये तत्काल उसे दे दिए। इस पर आरोपियों ने 24 घंटे में रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। जाते वक्त यह भी कहा कि यह सारे काम जुल्फिकार उर्फ तोता भाई के कहने पर हो रहा है। एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
डर के चलते 71 दिन बाद दी सूचना
इस प्रकरण में एक खास बात यह है कि प्राॅपर्टी डीलर ने घटना की सूचना 71 दिन बाद पुलिस को दी। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पूर्व में हुई घटनाओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। इससे पहले अतीक के बेटों व गुर्गों पर अगवा कर मारने-पीटने व रंगदारी वसूलने का आरोप लगाने वाले बिल्डर मो. मुस्लिम का भी ऐसा ही मामला सामने आया था। धूमनगंज थाने में दर्ज मामले में भुक्तभोगी की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि इतने दिन वह डर के चलते थाने में सूचना देने नहीं आ सका।
तीन आरोपी वर्तमान में जेल में
इस मामले में आरोपी बनाए गए दो लोग जेल में हैं। इनमें तोता, फैजान व अकरम शामिल हैं। अकरम व फैजान कुछ दिनों पहले ही आत्मसमर्पण कर जेल गए हैं। फैजान जेल में बंद असाद कालिया का भाई है जो अतीक का बेहद करीबी था।