नवाबगंज के खागलपुर गांव में प्रीति तिवारी (38) व उसकी तीन बेटियों माही(12), पीहू(8) और कुहू(3) की गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि पति राहुल तिवारी 42) फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि राहुल ने खुदकुशी की। घर के भीतर ही उसका लिखा हुआ एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें ससुरालवालों को घटना का जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल में जुटी है। उधर, इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी का कहना है कि योगी के कार्यकाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात : महिला व तीन बेटियों की गला रेतकर हत्या, पति फंदे पर लटका मिला
राहुल मूल रूप से कौशाम्बी के भदवा गांव का रहने वाला था। वह करीब ढाई महीने से खागलपुर में किराये के मकान में पत्नी व बेटियों संग रह रहा था। शनिवार सुबह बहुत देर तक परिवारवालों के न दिखाई देने पर पड़ोसी बुलाने पहुंचे तो आंगन में राहुल को फंदे पर लटका देखा।
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नामजद आरोपियों में पत्नी के दो भाई भी
मृतक राहुल के भाई मुन्ना तिवारी ने तहरीर देकर चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। इनमें प्रीति के दो भाई पिंटू और चंद्रशेखर भी शामिल हैं। दो अन्य आरोपियों में मैनेजर व आशू हैं। उनका आरोप है कि राहुल का अपने दोनों सालों से जमीन व मकान को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने उसका मकान, जमीन कब्जा ली थी, जिसमें अन्य दोनों आरोपी सहयोग किया करते थे। आशंका है कि इन्हीं चारों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उधर संदेह के आधार पर पुलिस उसी मकान में रहने वाले अन्य किरायेदार संदीप पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है।
दो पन्नों के सुसाइड नोट में 11 नाम
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को घर से ही दो पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला। इसमें ससुरालपक्ष के कुल 11 लोगों के नाम लिखे हैं, जिन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। यह भी लिखा है कि इन लोगों की प्रताड़ना से मजबूर होकर ही यह कदम उठा रहा हूं। सूत्रों का कहना है कि मृतक के भाई-बहनों ने इस बात की पुष्टि की है कि सुसाइड नोट में लिखावट राहुल की ही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसे फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी।
महिला व उसकी बेटियों को मारा गया, लेकिन हत्या किसने की, यह अभी स्पष्ट नहीं है। राहुल ने खुद जान दी और यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चली है। नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है। - अजय कुमार, एसएसपी
तगादों से था परेशान, घरेलू कलह की भी बात आई सामने
- जांच पड़ताल में यह बातें सामने आई हैं कि राहुल तिवारी पर 30-35 लाख रुपये का कर्ज था।
- कर्ज देने वाले आए दिन उसके घर पर चढ़कर तगादा करते थे। आनाकानी पर जलील भी करते थे।
- परिवार की ही एक महिला से उसके बेहद करीबी भी थी। जिसे लेकर पत्नी से उसका आए दिन विवाद होता था।
- ससुराल पक्ष की 16 बिस्वा जमीन का धोखे से बैनामा कराने का भी आरोप, जिसे लेकर भी पत्नी से होता था झगड़ा।
- जमीन के इसी विवाद को लेकर पत्नी के भाइयों से पिछले साल हुआ था झगड़ा, जिसके बाद छोड़ना पड़ा था ससुराल।
शाम करीब पांच बजे पांचों शवों का पोस्टमार्टम शुरू हुआ। तीन डॉक्टरों केपैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शवों का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों का कहना है कि तीनों बच्चों के शरीर पर गले को छोड़कर अन्य कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। धारदार हथियार से उनका गला रेता गया था। उधर प्रीति के गले के साथ ही चेहरे पर भी चोट के निशान थे। जबकि राहुल के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं।
पत्नी-बच्चों के कत्ल के बाद दी जान?
पुलिस अफसर इस मामले में सीधे कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन परिस्थतिजन्य साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट के आधार पर इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि राहुल ने ही पत्नी-बच्चोें को कत्ल करने के बाद खुदकुशी कर ली। घर में जबरदस्ती घुसने या किसी संघर्ष के भी निशान नहीं मिले हैं। किसी तरह की लूटपाट भी नहीं हुई है। राहुल के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। हालांकि अफसरों का फिलहाल ेयही कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।