नवाबगंज में पत्नी व तीन मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने की घटना की वजह लाखों का कर्ज व अवैध संबंध के रूप में सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस इस बाबत कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि यही वह वजहें थीं जिसने एक पति और एक पिता को हैवान बनने पर मजबूर कर दिया। उधर मृतक की सास ने भी उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
5 मर्डर मिस्ट्री : सामूहिक नरसंहार का कौशाम्बी कनेक्शन, प्रेम प्रसंग और भूमि विवाद पर भी नजर
करीब 16 साल पहले राहुल की शादी क्षेत्र के ही अंदावां गांव की प्रीती तिवारी के साथ (कोर्ट मैरिज) हुई थी। शादी के कुछ दिनों तक सब ठीक रहा। राहुल इलाहाबाद विश्व विद्यालय में संविदा पर नौकरी करता था। इस दौरान उसके तीन बेटियां हुईं।
सास ने लगाया आरोप, धोखे से अपने नाम करा ली जमीन
करीब 16 साल पहले राहुल की शादी कौशाम्बी के अंदावां गांव की प्रीती तिवारी के साथ (कोर्ट मैरिज) हुई थी। इसके बाद उसकी तीन बेटियां हुईं। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संविदाकर्मी था और वहीं पर परिवार के साथ किराए का कमरा लेकर रहता था। करीब तीन साल पहले संविदा समाप्त होने पर वह परिवार के साथ ससुराल में ही आकर रहने लगा।
अंदावां में रहने वाली उसकी सास पार्वती ने आरोप लगाया कि राहुल ने झांसे में लेकर उसकी 16 विस्वा जमीन अपने नाम करा ली। यही नहीं इस जमीन पर लोन भी ले लिया। उसने ससुराल के घर व खेत पर कब्जा करना चाहा तो साले पिंटू व चंद्रशेखर से विवाद होने लगा। हालात यह बने कि नवंबर 2021 में पुलिस बुलाकर राहुल को जबरन ससुरालवाले घर से निकाला गया। इसके बाद राहुल प्रयागराज के नवाबगंज के खागलपुर में किराए का कमरा लेकर रहने लगा।
नीयत पर भी उठाए सवाल
सास ने राहुल के चरित्र पर भी सवाल उठाए। उसका कहना है कि उसकी नीयत ठीक नहीं थी। उधर इस बात की भी चर्चा रही कि ससुराल पक्ष की एक महिला से भी उसकी बेहद करीबी थी। जिसे लेकर उसका अपनी पत्नी से विवाद होता था। आए दिन विवाद होने की ही वजह से बेटियों का स्कूल जाना भी बंद हो गया था। उधर घअना की जानकारी के बाद उसके गांव भदवां में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुए लेकिन दबी जुबान से यही बात कह रहे हैं कि दौलत के पीछे भागमभाग ही उसके लिए काल साबित हुई।
इसकी भी रही चर्चा
कौशाम्बी के कोखराज स्थित भदवां गांव निवासी त्रिपुरारी तिवारी के तीन बेटे मुन्ना, राहुल व विवेक तिवारी थे। ग्रामीणों के मुताबिक, राहुल ने करीब 20 साल पहले बाबा से उनकी 11 बीघे जमीन अपने नाम वरासत करा ली थी। इसकी जानकारी पर घर में काफी विवाद हुआ। बाद में वसीयत बदलना पड़ा। लेकिन इसकी फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी।
सास ने मृतक राहुल के चरित्र पर उठाए सवाल
एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या हो जाने की खबर के बाद पुलिस और मीडिया के लोग भदवां से लेकर मृतक की ससुराल अंदावां की दौड़ लगाने लगे। अंदावां में मृतक की बुजुर्ग सास पार्वती ने राहुल के चरित्र पर ही सवालिया निशान लगा दिया। अपनी जमीन राहुल के नाम किए जाने के सवाल पर उसका कहना था कि उसे नहीं मालूम था कि यह कब हुआ। पार्वती देवी ने बताया वर्ष 1990 में उसके पति की मौत हुई है। बड़ा बेटा सात साल का था, जबकि छोटा गर्भ में था। घर में सिर्फ सयानी बेटियां ही थीं। पार्वती का कहना है कुछ साल पहले राहुल ने धोखे से उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इसी जमीन पर उसने लोन भी ले लिया। उसकी नीयत परिवार की एक महिला को बेचने पर भी थी।