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पहली-दूसरी कक्षा के बैग का वजन अब डेढ़ किग्रा. से अधिक नहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नया आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:25 AM IST
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स्कूल स्टूडेंट्स
- फोटो : फाइल फोटो
अब स्कूल छोटे बच्चों पर बैग का बोझ नहीं लाद सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि अब पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों के बैग का भार तय मानक से अधिक पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
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मंत्रालय ने कक्षा के हिसाब से स्कूल के बैग के वजन (भार) को तय कर दिया गया है, पत्र में हिदायत दी गई है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाए। मंत्रालय की ओर से आदेश जारी होने के बाद बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से शिक्षा विभाग एवं स्कूलों के लिए आदेश जारी किए जा रहे हैं।
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स्कूल बैग का वजन हो सिर्फ इतना
कक्षा वजन
पहली-दूसरी 1.5 किलोग्राम
तीसरी से पांचवीं दो से तीन किलोग्राम
छठीं-सातवीं चार किलोग्राम
आठवीं-नौवीं 4.5 किलोग्राम
दसवीं पांच किलोग्राम
पहली-दूसरी के बच्चों को होमवर्क नहीं
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को किसी भी हालत में होमवर्क न दिया जाए। उन्हें सबकुछ कक्षा में कराने का प्रयास किया जाए। ऐसे में अब अभिभावकों को घर में छोटे बच्चों के साथ घंटों बैठकर होमवर्क नहीं कराना पड़ेगा। इससे बच्चों को होमवर्क के बोझ से मुक्ति मिलेगी।
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मनमाने तरीके से नहीं थोपे जाएं विषय
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि किस कक्षा में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे, तय गाइड लाइन के अनुसार किया जाएगा। पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों को मात्र भाषा एवं गणित के विषय पढ़ाए जाने चाहिए। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को भाषा, पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) और गणित विषय पढ़ाए जाएं।
मनमाने तरीके से कुछ नहीं मंगा सकते
अभिभावकों की बार-बार शिकायत रहती है कि आए दिन स्कूल वाले बच्चों से कुछ मंगाते रहते हैं। अभिभावक आने वाली डिमांड से भी परेशान रहते होंगे। स्कूल से कभी कुछ मंगाया जाता है और कभी कुछ। अब नए आदेश के बाद स्कूल की प्रतिदिन की डिमांड पर रोक लग सकती है। अब स्कूल वाले एक्स्ट्रा किताब और कोई सामान नहीं मंगा सकेंगे।
बीच सत्र में बदलाव पर सवालिया निशान
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सत्र के बीच में बस्ते के बोझ और विषय निर्धारण को लेकर नए दिशा निर्देश जारी करने पर सवाल खड़ा हो गया है। स्कूलों में अब अर्द्ध वार्षिक परीक्षा पूरी होने के बाद नए सिरे से पढ़ाई शुरू हो गई है, ऐसे में पहली-दूसरी कक्षा में मात्र भाषा एवं गणित के विषय पढ़ाए जाने के निर्देश को कैसे लागू किया जाएगा।